PM E-Drive Scheme Extended Until 2028 पीएम ई-ड्राइव योजना को 2028 तक बढ़ाया गया है, जिससे इलेक्ट्रिक वाहनों, चार्जिंग इंफ्रा और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा। जानें इस योजना के फायदे, सब्सिडी और भारत के ईवी भविष्य के बारे में।
पीएम ई-ड्राइव योजना 2028 तक बढ़ी: इलेक्ट्रिक वाहनों और चार्जिंग को मिलेगा बूस्ट दोस्तों, क्या आप जानते हैं कि भारत सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए पीएम ई-ड्राइव योजना को 2028 तक बढ़ा दिया है?
यह योजना न सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद को आसान बनाएगी, बल्कि चार्जिंग स्टेशनों और मैन्युफैक्चरिंग को भी नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।
आइए, इस योजना के बारे में विस्तार से बात करते हैं, जैसे हम आमने-सामने बैठकर गपशप कर रहे हों। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि यह योजना क्या है, इसके फायदे, सब्सिडी, और यह भारत के पर्यावरण और अर्थव्यवस्था को कैसे बदल सकती है।
Introduction
हाय दोस्तों! आज हम बात करेंगे भारत सरकार की उस शानदार योजना की, जिसका नाम है पीएम ई-ड्राइव योजना (Prime Minister Electric Drive Revolution in Innovative Vehicle Enhancement)। इस योजना को हाल ही में 31 मार्च 2028 तक बढ़ा दिया गया है, जो पहले 2026 में खत्म होने वाली थी।
यह खबर उन सभी के लिए अच्छी है जो इलेक्ट्रिक वाहन (EV) खरीदने की सोच रहे हैं या फिर भारत में हरित भविष्य का सपना देखते हैं। तो चलिए, इस योजना के हर पहलू को आसान भाषा में समझते हैं, जैसे हम कॉफी पीते हुए बात कर रहे हों!
पीएम ई-ड्राइव योजना क्या है?
दोस्त, पीएम ई-ड्राइव योजना भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका मकसद है इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना और देश में EV मैन्युफैक्चरिंग को प्रोत्साहन देना।
इस योजना का बजट है 10,900 करोड़ रुपये, जो इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर, बसों, ट्रकों और एम्बुलेंस जैसी गाड़ियों को सपोर्ट करता है। यह योजना 1 अक्टूबर 2024 को शुरू हुई थी और अब इसे दो साल और बढ़ाकर 2028 तक कर दिया गया है।
इसका मुख्य उद्देश्य है भारत को एक साफ-सुथरे और हरित भविष्य की ओर ले जाना। यह योजना न सिर्फ पर्यावरण को बचाएगी, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के विजन को भी मजबूत करेगी।
योजना के प्रमुख फायदे
चलिए, अब कुछ खास पॉइंट्स पर बात करते हैं, जो इस योजना को इतना खास बनाते हैं। ये वो फायदे हैं, जो आपको और मुझे सीधे तौर पर प्रभावित करेंगे:
इलेक्ट्रिक वाहनों पर सब्सिडी:
दोस्त, अगर तुम इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर या थ्री-व्हीलर खरीदने की सोच रहे हो, तो 2026 तक तुम्हें शानदार सब्सिडी मिलेगी। वित्त वर्ष 2025 में 5,000 रुपये प्रति kWh और 2026 में 2,500 रुपये प्रति kWh की सब्सिडी मिलेगी, जो वाहन की एक्स-शोरूम कीमत के 15% तक सीमित है। लेकिन ध्यान दो, यह सब्सिडी टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर के लिए मार्च 2026 तक ही है।
इलेक्ट्रिक बसों और ट्रकों को बढ़ावा:
इस योजना का फोकस अब इलेक्ट्रिक बसों, ट्रकों और एम्बुलेंस पर ज्यादा है। 14,000 से ज्यादा इलेक्ट्रिक बसें 9 बड़े शहरों में चलेंगी, जिनकी आबादी 40 लाख से ज्यादा है। ट्रकों के लिए 9.6 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है। इससे प्रदूषण कम होगा और पब्लिक ट्रांसपोर्ट साफ-सुथरा होगा।
चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार:
दोस्त, EV की सबसे बड़ी चिंता क्या है? रेंज एंग्जाइटी! लेकिन इस योजना के तहत 22,000 चार-पहिया वाहनों के लिए फास्ट चार्जर और 1,800 बसों के लिए चार्जर लगाए जाएंगे। कुल मिलाकर 72,300 पब्लिक चार्जिंग स्टेशन बनेंगे, जिससे EV चलाना और भी आसान हो जाएगा।
मैन्युफैक्चरिंग को बूस्ट:
यह योजना भारत में EV और उनके पुर्जों के स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देगी। चरणबद्ध विनिर्माण कार्यक्रम (PMP) के तहत कंपनियों को भारत में ही पार्ट्स बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे नौकरियां बढ़ेंगी और हमारा देश EV मैन्युफैक्चरिंग में ग्लोबल लीडर बन सकता है।
पर्यावरण और अर्थव्यवस्था का डबल बेनिफिट:
क्या तुम्हें पता है कि डीजल ट्रक, जो कुल वाहनों का सिर्फ 3% हैं, 42% ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन करते हैं? इस योजना से इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल बढ़ेगा, जिससे प्रदूषण कम होगा और हमारा पर्यावरण बचेगा। साथ ही, स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग से अर्थव्यवस्था को भी बूस्ट मिलेगा।
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योजना की समय सीमा और बजट
दोस्त, यह योजना 31 मार्च 2028 तक चलेगी, लेकिन इसका बजट 10,900 करोड़ रुपये ही रहेगा, यानी कोई अतिरिक्त फंड नहीं जोड़ा गया है। अगर फंड पहले खत्म हो गया, तो योजना के कुछ हिस्से समय से पहले बंद हो सकते हैं। खास बात ये है कि टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर की सब्सिडी 2026 तक ही मिलेगी, जबकि बसों, ट्रकों और एम्बुलेंस के लिए सब्सिडी 2028 तक जारी रहेगी।
भारत के EV भविष्य पर क्या असर होगा?
दोस्तों, यह योजना भारत के इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के सपने को हकीकत में बदल सकती है। 2030 तक भारत का लक्ष्य है कि 30% वाहन इलेक्ट्रिक हों। इस योजना से न सिर्फ EV की बिक्री बढ़ेगी, बल्कि चार्जिंग स्टेशन और मैन्युफैक्चरिंग का इकोसिस्टम भी मजबूत होगा। इससे नौकरियां बढ़ेंगी, प्रदूषण कम होगा और हमारा देश ग्लोबल EV मार्केट में अपनी मजबूत जगह बना लेगा।
क्या ध्यान रखना चाहिए?
सब्सिडी की समय सीमा: अगर तुम EV टू-व्हीलर या थ्री-व्हीलर खरीदना चाहते हो, तो 2026 से पहले खरीद लो, क्योंकि उसके बाद सब्सिडी बंद हो जाएगी।
E-Voucher: सब्सिडी का लाभ लेने के लिए PM E-DRIVE पोर्टल पर आधार-प्रमाणित ई-वाउचर जरूरी है।
चार्जिंग स्टेशन: अपने इलाके में चार्जिंग स्टेशन की उपलब्धता चेक कर लो, क्योंकि योजना के तहत नए स्टेशन बन रहे हैं।
External Links
Ministry of Heavy Industries – PM E-DRIVE Scheme
AajTak: पीएम ई-ड्राइव योजना की पूरी जानकारी
CNBC TV18: EV Subsidy Scheme Details
Conclusion
तो दोस्तों, पीएम ई-ड्राइव योजना भारत के हरित भविष्य की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह न सिर्फ हमें सस्ते और साफ-सुथरे वाहन देगी, बल्कि चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग को भी बूस्ट करेगी।
अगर तुम EV खरीदने की सोच रहे हो, तो 2026 से पहले मौके का फायदा उठाओ। और हां, इस योजना के बारे में अपने दोस्तों को भी बताओ, ताकि वे भी इसका लाभ उठा सकें। चलो, मिलकर भारत को हरित और आत्मनिर्भर बनाएं!
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