Pujya Bapu Gramin Rozgar Yojana मनरेगा का नाम बदलकर पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार हमी योजना करने का निर्णय लिया गया

Pujya Bapu Gramin Rozgar Yojana: A New Chapter for Rural Employment in India भारत सरकार ने ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। 12 दिसंबर 2025 को हुई कैबिनेट बैठक में, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलकर पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार हमी योजना करने का निर्णय लिया गया।

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यह बदलाव न केवल योजना के मूल उद्देश्यों को मजबूत करता है, बल्कि महात्मा गांधी, जिन्हें प्यार से बापू कहा जाता है, को श्रद्धांजलि भी अर्पित करता है। इस योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को अब 125 दिनों की गारंटीड मजदूरी वाली नौकरी मिलेगी, जो पहले 100 दिनों की थी। न्यूनतम मजदूरी भी बढ़ाकर 240 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है। कुल बजट 1.51 लाख करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है।

यह लेख आपको योजना की पूरी जानकारी देगा, जिसमें इसके इतिहास से लेकर आवेदन प्रक्रिया तक सब कुछ शामिल है। हम इसे लिस्टिकल फॉर्मेट में प्रस्तुत कर रहे हैं ताकि पढ़ना आसान और रोचक हो। आइए, जानते हैं कि यह योजना आपके ग्रामीण जीवन को कैसे बदल सकती है। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट nrega.nic.in पर जाएं।

The Historical Journey of MGNREGA

मनरेगा की कहानी भारत के ग्रामीण विकास की एक लंबी यात्रा से जुड़ी है। 1991 में तत्कालीन प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव ने पहली बार राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का प्रस्ताव रखा था। लेकिन यह 2005 में यूपीए सरकार के दौरान कानून का रूप ले सका।

1960-1990: प्रारंभिक प्रयास – भारत सरकार ने ग्रामीण बेरोजगारी से निपटने के लिए कई कार्यक्रम चलाए, जैसे ‘रूरल मैनपावर प्रोग्राम’ और ‘फूड फॉर वर्क प्रोग्राम’। ये योजनाएं सीमित थीं और पूर्ण गारंटी नहीं दे पाईं।

2005: NREGA का जन्म – 2 फरवरी 2006 से 200 जिलों में शुरू हुई योजना ने ग्रामीण परिवारों को 100 दिनों की मजदूरी गारंटी दी। यह दुनिया की सबसे बड़ी ग्रामीण रोजगार योजना बनी।

2009: मनरेगा का नामकरण – महात्मा गांधी की जयंती पर योजना का नाम बदलकर MGNREGA किया गया, जो ग्रामीण आजीविका सुरक्षा पर केंद्रित थी।

2025: नया अध्याय – अब पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार हमी योजना के रूप में, यह योजना और मजबूत हो गई है। यहां पढ़ें पूरी इतिहास।

यह यात्रा दर्शाती है कि कैसे सरकार ने ग्रामीण भारत की जरूरतों को समझा और योजना को विकसित किया।

Reasons Behind the Name Change

नाम बदलाव केवल शब्दों का खेल नहीं है; यह योजना के मूल्यों को पुनर्जीवित करने का प्रयास है। कैबिनेट ने 12 दिसंबर 2025 को इस बदलाव को मंजूरी दी, जो महात्मा गांधी के ग्रामीण स्वावलंबन के दर्शन से प्रेरित है।

बापू को श्रद्धांजलि: ‘पूज्य बापू’ शब्द गांधीजी के प्रिय संबोधन से लिया गया है, जो ग्रामीण भारत के पिता के रूप में उनकी भूमिका को सम्मानित करता है।

योजना की पहुंच बढ़ाना: नाम बदलाव के साथ, योजना को अधिक आकर्षक बनाया गया ताकि ग्रामीण लोग इसे अपने करीब महसूस करें।

नीतिगत मजबूती: यह बदलाव 125 दिनों की गारंटी और बढ़ी हुई मजदूरी के साथ आया, जो गरीबी उन्मूलन को तेज करेगा।

समाचार स्रोतों के अनुसार, यह निर्णय ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लिया गया। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट पढ़ें।

Pujya Bapu Gramin Rozgar Yojana

Key New Features of Pujya Bapu Gramin Rozgar Yojana

पुरानी योजना को नया रूप देकर, सरकार ने कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। ये फीचर्स ग्रामीण परिवारों को अधिक लाभ पहुंचाएंगे।

बढ़ी हुई गारंटीड नौकरी: पहले 100 दिनों के बजाय अब 125 दिनों की मजदूरी वाली काम की गारंटी। इससे परिवारों की आय में 25% की वृद्धि होगी।

नई न्यूनतम मजदूरी: प्रतिदिन 240 रुपये की मजदूरी, जो मुद्रास्फीति के अनुरूप है। महिलाओं और SC/ST समुदायों के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन।

बढ़ा बजट: 1.51 लाख करोड़ रुपये का आवंटन, जो बुनियादी ढांचे के विकास को गति देगा।

पर्यावरण संरक्षण पर फोकस: जल संरक्षण, वनरोपण और सड़क निर्माण जैसे कामों को प्राथमिकता।

डिजिटल एकीकरण: आधार-लिंक्ड पेमेंट और मोबाइल ऐप के माध्यम से पारदर्शिता।

ये बदलाव योजना को अधिक प्रभावी बनाते हैं। बिजनेस टुडे की पूरी खबर।

Top 10 Benefits of the Scheme

पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार हमी योजना ग्रामीण भारत के लिए वरदान साबित होगी। यहां इसके शीर्ष 10 लाभ हैं, जो आपके जीवन को कैसे बदल सकते हैं:

आर्थिक सुरक्षा: 125 दिनों की गारंटीड आय से गरीबी पर काबू पाएं। ग्रामीण परिवार सालाना 30,000 रुपये तक कमा सकते हैं।

महिलाओं का सशक्तिकरण: 50% काम महिलाओं को आवंटित, जिससे उनकी आर्थिक स्वतंत्रता बढ़ेगी।

कौशल विकास: काम के दौरान प्रशिक्षण से किसानों को नई स्किल्स मिलेंगी, जैसे जल प्रबंधन।

बुनियादी ढांचा मजबूत: सड़कें, तालाब और वन क्षेत्रों का विकास ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा।

SC/ST समुदायों का उत्थान: आरक्षण से इन समुदायों को प्राथमिकता, सामाजिक समानता सुनिश्चित।

प्रवासन रोकना: स्थानीय काम से शहरों की ओर पलायन कम होगा।

पर्यावरण संरक्षण: वृक्षारोपण और मिट्टी संरक्षण से जलवायु परिवर्तन से लड़ाई।

पारदर्शिता: डिजिटल रिकॉर्ड से भ्रष्टाचार रुकेगा, मजदूरी सीधे बैंक खाते में।

स्वास्थ्य और शिक्षा में सुधार: अतिरिक्त आय से परिवार बेहतर भोजन और पढ़ाई पर खर्च कर सकेंगे।

समुदाय एकजुटता: सामूहिक काम से गांवों में सामाजिक बंधन मजबूत होंगे।

ये लाभ न केवल आंकड़ों पर आधारित हैं, बल्कि लाखों ग्रामीणों के अनुभवों से सिद्ध हैं। वायर की रिपोर्ट।

Step-by-Step Guide: How to Apply for the Job Card

योजना का लाभ उठाने के लिए जॉब कार्ड अनिवार्य है। आवेदन प्रक्रिया सरल है और मुफ्त।

स्थानीय ग्राम पंचायत जाएं: अपने गांव की पंचायत कार्यालय में फॉर्म भरें। ऑनलाइन UMANG ऐप का भी उपयोग करें।

आवेदन फॉर्म भरें: परिवार के सभी वयस्क सदस्यों (18-60 वर्ष) का नाम, उम्र, लिंग और बैंक विवरण दें।

दस्तावेज जमा करें: पहचान और निवास प्रमाण दें (नीचे विस्तार से)।

सत्यापन: पंचायत अधिकारी सत्यापन करेंगे, जो 7-15 दिनों में पूरा होता है।

कार्ड प्राप्त करें: जॉब कार्ड मिलने पर 14 दिनों के अंदर काम की मांग करें। असफल होने पर बेरोजगारी भत्ता मिलेगा।

काम की मांग: SMS या ऐप से मांग दर्ज करें।

ऑनलाइन आवेदन के लिए UMANG पोर्टल पर जाएं। प्रक्रिया पारदर्शी रखने के लिए आधिकारिक गाइड देखें।

Pujya Bapu Gramin Rozgar Yojana

Essential Documents Required for Registration

योजना में पंजीकरण के लिए सही दस्तावेज जरूरी हैं। ये दस्तावेज आसानी से उपलब्ध होते हैं और कोई शुल्क नहीं लगता।

पहचान प्रमाण: आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन कार्ड या पासपोर्ट।

निवास प्रमाण: राशन कार्ड, बिजली बिल या पानी का बिल।

फोटो: प्रत्येक वयस्क सदस्य की दो पासपोर्ट साइज फोटो।

बैंक विवरण: पासबुक या खाता नंबर (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के लिए)।

अन्य: SC/ST प्रमाणपत्र (यदि लागू), परिवार के सदस्यों की उम्र और लिंग विवरण।

ये दस्तावेज जमा करने से जॉब कार्ड 15 दिनों में जारी हो जाता है। डिजीविल की गाइड।

Conclusion

पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार हमी योजना ग्रामीण भारत के लिए एक नई उम्मीद की किरण है। नाम बदलाव के साथ आए बदलाव – 125 दिनों की गारंटी, बढ़ी मजदूरी और मजबूत बजट – निश्चित रूप से लाखों परिवारों को सशक्त बनाएंगे। यह योजना न केवल रोजगार देती है, बल्कि गांधीजी के स्वावलंबन के सपने को साकार करती है। यदि आप ग्रामीण क्षेत्र से हैं, तो आज ही जॉब कार्ड के लिए आवेदन करें। सरकार की यह पहल ग्रामीण विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। अधिक अपडेट्स के लिए फ्री प्रेस जर्नल फॉलो करें।

Frequently Asked Questions (FAQs)

पूज्य बापू ग्रामीण रोजगार हमी योजना में न्यूनतम कितने दिनों का काम मिलेगा?

अब 125 दिनों की गारंटीड मजदूरी वाला काम मिलेगा, जो पहले 100 दिनों का था।

इस योजना के तहत मजदूरी कितनी है?

न्यूनतम 240 रुपये प्रतिदिन, जो राज्यवार भिन्न हो सकती है।

जॉब कार्ड के लिए आवेदन कैसे करें?

ग्राम पंचायत या UMANG ऐप के माध्यम से आवेदन करें। प्रक्रिया मुफ्त है।

क्या महिलाओं को विशेष लाभ मिलेगा?

हां, 50% काम महिलाओं को आवंटित होते हैं, और समान मजदूरी सुनिश्चित है।

योजना का बजट कितना है?

2025-26 के लिए 1.51 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

काम न मिलने पर क्या होता है?

14 दिनों में काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता (मजदूरी का 1/4) मिलेगा।

SC/ST समुदायों को कैसे लाभ मिलेगा?

प्राथमिकता आवंटन और आरक्षण से इन समुदायों को विशेष सुविधा मिलेगी।

 

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