60% DA बेसिक में मर्ज नहीं होगा: 1 जनवरी 2026 से नई DA बढ़ोतरी और 8th Pay Commission update के प्रमुख फैसले केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ता (Dearness Allowance – DA) हमेशा से एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। यह महंगाई की मार से उनकी आय की रक्षा करता है। हाल ही में चर्चा चल रही थी कि क्या 60% DA को बेसिक पे में मर्ज किया जाएगा, लेकिन आधिकारिक जानकारी के अनुसार ऐसा नहीं होने वाला है। आइए इस विषय को विस्तार से समझते हैं और जानते हैं कि 1 जनवरी 2026 से क्या बदलाव आने वाले हैं।
DA क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
महंगाई भत्ता (DA) केंद्र सरकार के कर्मचारियों की सैलरी का एक हिस्सा है, जो बेसिक पे पर प्रतिशत के रूप में दिया जाता है। यह All India Consumer Price Index (AICPI) के आधार पर हर छह महीने में रिवाइज होता है – जनवरी और जुलाई में। पेंशनर्स को Dearness Relief (DR) के रूप में मिलता है।
वर्तमान में (दिसंबर 2025 तक) DA दर 58% है, जो जुलाई 2025 से लागू हुई 3% बढ़ोतरी के बाद पहुंची। इससे लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स को महंगाई से राहत मिली है।
क्यों हो रही थी 60% DA मर्ज की चर्चा?
पिछले पे कमीशनों में जब DA 50% तक पहुंचता था, तो उसे बेसिक पे में मर्ज कर दिया जाता था। जैसे:
5th Pay Commission में 50% DA मर्ज हुआ।
लेकिन 7th Pay Commission में ऐसा कोई प्रावधान नहीं था, और DA 50% पार करने के बावजूद मर्ज नहीं हुआ।
2025 में DA 58% पहुंचने और 8th Pay Commission की घोषणा के बाद कर्मचारी संघों ने मर्ज की मांग की। अफवाहें थीं कि 60% DA बेसिक में मर्ज हो सकता है, जिससे HRA, TA और पेंशन जैसी भत्ते बढ़ जाते। लेकिन वित्त मंत्रालय ने संसद में स्पष्ट कर दिया कि DA को बेसिक में मर्ज करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
1 जनवरी 2026 से नई DA बढ़ोतरी तय क्यों?
7th Pay Commission की अवधि 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो रही है। 8th Pay Commission 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होगा। नए पे कमीशन में आमतौर पर मौजूदा DA को नए बेसिक पे में समाहित (absorbed) कर लिया जाता है, और DA को जीरो से शुरू किया जाता है।
अनुमान है कि जनवरी 2026 तक DA 60% तक पहुंच सकता है।
8th Pay Commission लागू होते ही यह DA नए बेसिक में शामिल हो जाएगा, लेकिन यह “मर्ज” नहीं कहलाएगा – यह नई सैलरी स्ट्रक्चर का हिस्सा बनेगा।
फिटमेंट फैक्टर के आधार पर सैलरी में 20-35% तक बढ़ोतरी संभव है।
यह बदलाव लाखों परिवारों की आय को मजबूत बनाएगा।
8th Pay Commission की प्रमुख जानकारी
8th Pay Commission की गठन नवंबर 2025 में अधिसूचित हुआ। इसका उद्देश्य सैलरी, भत्ते और पेंशन की समीक्षा करना है। प्रमुख बिंदु:
लागू होने की तारीख: 1 जनवरी 2026।
रिपोर्ट सबमिट करने का समय: 18 महीने (मिड-2027 तक)।
कवरेज: 50 लाख से अधिक कर्मचारी और 69 लाख पेंशनर्स।
DA मर्ज: अंतरिम राहत के रूप में नहीं, लेकिन नए स्ट्रक्चर में DA रीसेट होगा।
सरकार ने स्पष्ट किया कि DA/DR को बेसिक में मर्ज करने का कोई अलग प्रस्ताव नहीं है।
DA बढ़ोतरी का कर्मचारियों पर प्रभाव
वर्तमान DA से सैलरी में सीधी बढ़ोतरी।
HRA और TA जैसे भत्ते DA पर आधारित नहीं बढ़ते अगर मर्ज न हो।
नए कमीशन में फिटमेंट फैक्टर से लंबी अवधि की राहत।
एरियर्स: पिछली बढ़ोतरी के एरियर्स समय पर मिलते हैं।
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DA कैलकुलेशन कैसे होता है?
DA की गणना 12 महीने के AICPI औसत पर आधारित होती है। फॉर्मूला पारदर्शी है और लेबर ब्यूरो द्वारा जारी डेटा पर निर्भर।
निष्कर्ष
60% DA को बेसिक में अलग से मर्ज नहीं किया जाएगा, लेकिन 8th Pay Commission से नई सैलरी स्ट्रक्चर में मौजूदा DA समाहित हो जाएगा। यह कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए लंबी राहत देगा। सरकार महंगाई से लड़ने के लिए प्रतिबद्ध है, और आने वाले बदलाव आय को मजबूत बनाएंगे। सटीक जानकारी के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन का इंतजार करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
क्या 60% DA बेसिक पे में मर्ज होगा?
नहीं, वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि DA को बेसिक में मर्ज करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। हालांकि, 8th Pay Commission में DA नए बेसिक का हिस्सा बनेगा।
वर्तमान DA दर कितनी है?
दिसंबर 2025 तक DA 58% है (जुलाई 2025 से लागू)।
1 जनवरी 2026 से DA कितना होगा?
8th Pay Commission लागू होने पर DA जीरो से शुरू होगा, क्योंकि मौजूदा DA नए बेसिक में शामिल हो जाएगा।
8th Pay Commission कब लागू होगा?
1 जनवरी 2026 से।
DA बढ़ोतरी से सैलरी कितनी बढ़ेगी?
उदाहरण: बेसिक 50,000 पर 3% DA बढ़ोतरी से मासिक 1,500 रुपये अतिरिक्त।
पेंशनर्स को क्या फायदा होगा?
DR भी DA के बराबर बढ़ता है, और नए कमीशन में पेंशन रिवाइज होगी।
DA मर्ज न होने से क्या नुकसान है?
HRA और अन्य भत्ते पुराने बेसिक पर ही कैलकुलेट होते रहेंगे, लेकिन नए कमीशन से समग्र राहत मिलेगी।
अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोत देखें:
Department of Expenditure, Ministry of Finance
Prime Minister’s Office