महाराष्ट्र सरकार पर संकट लाडकी बहनें निगल गईं सारा फंड अब बंद हो जाएंगी ये योजनाएं

ladki bahin yojana band karne ke liye application महाराष्ट्र की राजनीति में महिलाओं के सशक्तिकरण का प्रतीक बनी मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना अब राज्य की वित्तीय सेहत के लिए सिरदर्द बन चुकी है। 2024 के विधानसभा चुनावों से ठीक पहले लॉन्च हुई यह योजना, जो महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता देती है, ने महायुति सरकार को भारी-भरकम वित्तीय बोझ सौंप दिया है। राज्य का राजस्व घाटा 45,891 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है, जबकि कुल कर्ज 9.3 लाख करोड़ रुपये का अनुमान है।

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इस फंड की कमी से कई महत्वपूर्ण सरकारी योजनाएं प्रभावित हो रही हैं, और कुछ तो पूरी तरह बंद होने की कगार पर हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह योजना वाकई इतनी महंगी साबित हो रही है, या फिर बजट प्रबंधन में कमी है? आइए, इस संकट की गहराई में उतरें और जानें कि कैसे लाडकी बहिन योजना ने अन्य योजनाओं का गला घोंट दिया है।

यह लेख सरकारी दस्तावेजों, मंत्रियों के बयानों और हालिया बजट विश्लेषण पर आधारित है, ताकि आपको सटीक और विश्वसनीय जानकारी मिले। हम यहां उन योजनाओं पर फोकस करेंगे जो सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं, साथ ही लाडकी बहिन योजना की पूरी डिटेल्स भी शेयर करेंगे।

Table of Contents

लाडकी बहिन योजना: चुनावी हथियार जो वित्तीय बम साबित हुई

लाडकी बहिन योजना को महाराष्ट्र सरकार ने जुलाई 2024 में शुरू किया था, जो मध्य प्रदेश की लाड़ली बहना योजना से प्रेरित है। इसका उद्देश्य गरीब महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना था। योजना के तहत 21 से 65 वर्ष की आयु वाली महिलाओं को, जिनकी पारिवारिक वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम है, हर महीने 1,500 रुपये डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए मिलते हैं। अब तक 2.25 करोड़ से ज्यादा महिलाएं इसका लाभ ले चुकी हैं, और सरकार ने 12 किश्तें जारी की हैं। लेकिन 2025-26 के बजट में इसकी फंडिंग 10,000 करोड़ रुपये घटाकर 36,000 करोड़ कर दी गई।

मंत्री छगन भुजबल ने हाल ही में खुलासा किया कि इस योजना पर सालाना 40,000-45,000 करोड़ रुपये का खर्च हो रहा है, जो राज्य के अन्य विभागों को लील रहा है। विपक्ष इसे ‘चुनावी जुमला’ बता रहा है, क्योंकि चुनावी वादा था कि राशि 2,100 रुपये होगी, लेकिन वह पूरा नहीं हुआ।

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योजना की पात्रता और लाभ: एक नजर

नीचे टेबल में लाडकी बहिन योजना की मुख्य विशेषताएं दी गई हैं:

विशेषता विवरण
लाभार्थी 21-65 वर्ष की महिलाएं, महाराष्ट्र निवासी, पारिवारिक आय ≤2.5 लाख/वर्ष
मासिक सहायता 1,500 रुपये (DBT के जरिए आधार-लिंक्ड बैंक खाते में)
कुल लाभार्थी लगभग 2.25 करोड़ (2025 तक)
वार्षिक खर्च 36,000 करोड़ रुपये (2025-26 बजट)
e-KYC अनिवार्य हां, 18 नवंबर 2025 तक पूरा करना जरूरी; पति/पिता की भी जांच
अपात्रता सरकारी नौकरी, 4-पहिया वाहन, अन्य योजनाओं का लाभ (जैसे नमो शेतकरी)

आवश्यक दस्तावेज

लाडकी बहिन योजना के लिए आवेदन करने पर ये दस्तावेज जरूरी हैं:

  • आधार कार्ड (e-KYC के लिए)
  • निवास प्रमाण पत्र (महाराष्ट्र का)
  • बैंक पासबुक (आधार-लिंक्ड खाता)
  • आय प्रमाण पत्र (पारिवारिक आय 2.5 लाख से कम साबित करने के लिए)
  • विवाह/जन्म प्रमाण पत्र (यदि लागू)
  • राशन कार्ड या अन्य ID प्रूफ

आवेदन आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन करें। हाल ही में e-KYC प्रक्रिया शुरू हुई है, जिसमें पति या पिता की आय भी जांच की जाती है, ताकि फर्जी लाभार्थी बाहर हो सकें।

फंड संकट: लाडकी बहिन ने कैसे निगल लिया बजट?

ladki bahin yojana band karne ke liye application महाराष्ट्र का वित्तीय संकट गहराता जा रहा है। 2025-26 बजट में राजस्व घाटा दोगुना होकर 45,891 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि वित्तीय घाटा 1.36 लाख करोड़ का है। लाडकी बहिन योजना पर भारी खर्च ने अन्य क्षेत्रों को प्रभावित किया है। मंत्री भुजबल ने कहा, “सभी विभाग फंड की कमी से जूझ रहे हैं।” ठेकेदारों के 84,000 करोड़ के बकाया पेमेंट अटके हैं, जिससे विकास कार्य रुक गए हैं।

सरकार ने SC/ST फंड से 746 करोड़ रुपये डायवर्ट किए, जिसकी आलोचना सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट ने की। इसके अलावा, 26.34 लाख अपात्र लाभार्थियों को सस्पेंड किया गया, जिनमें 14,000 पुरुष भी शामिल थे। इससे 162 करोड़ का नुकसान हुआ।

5 प्रमुख योजनाएं जो लाडकी बहिन के फंड संकट से बंद या प्रभावित हो रही हैं

यहां हम उन योजनाओं की लिस्ट दे रहे हैं जो लाडकी बहिन योजना के कारण सबसे ज्यादा पीड़ित हैं। ये लोकप्रिय और जरूरी योजनाएं हैं, जिनका बंद होना आम जनता को प्रभावित करेगा। प्रत्येक के लिए महत्वपूर्ण जानकारी टेबल में हाइलाइट की गई है।

1. आनंदाचा शिधा योजना: गरीबों का त्योहारी पैकेट अब मुश्किल में

यह 2022 में शुरू हुई योजना केसरिया राशन कार्ड धारकों को 100 रुपये में त्योहारों पर खाद्य किट देती है। 2025 तक 1,300 करोड़ खर्च हो चुके हैं, लेकिन फंड खत्म। मंत्री भुजबल ने चिंता जताई कि यह बंद हो सकती है।

महत्वपूर्ण जानकारी विवरण
लाभार्थी केसरिया राशन कार्ड धारक (गरीब परिवार)
लाभ 100 रुपये में 4 आवश्यक खाद्य वस्तुओं का पैकेट (दिवाली, गणेश चतुर्थी आदि पर)
खर्च (2025 तक) 1,300 करोड़ रुपये
स्थिति बंद होने की कगार पर; फंड की कमी
आवश्यक दस्तावेज राशन कार्ड, आधार, निवास प्रमाण पत्र

2. शिव भोजन थाली: सस्ता भोजन अब सपना

गरीबों को सस्ती थाली उपलब्ध कराने वाली यह योजना भी फंड संकट का शिकार है। ग्रामीण क्षेत्रों में 35 रुपये और शहरी में 50 रुपये में थाली मिलती थी। सरकार विचार कर रही है बंद करने का।

महत्वपूर्ण जानकारी विवरण
लाभार्थी गरीब और असहाय व्यक्ति
लाभ 35-50 रुपये में पौष्टिक थाली
खर्च (2025 तक) 1,300 करोड़ (साझा अन्य योजनाओं से)
स्थिति बंद करने पर विचार; प्रभावित
आवश्यक दस्तावेज आधार, राशन कार्ड, आय प्रमाण पत्र
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3. मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना: वरिष्ठ नागरिकों का सपना टूटा

वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थ यात्रा के लिए सहायता देने वाली यह योजना अस्थायी रूप से रोक दी गई। फंड की कमी से यात्रा खर्च नहीं मिल पा रहा।

महत्वपूर्ण जानकारी विवरण
लाभार्थी 65+ वर्ष के वरिष्ठ नागरिक
लाभ तीर्थ यात्रा का खर्च (ट्रेन/बस, आवास)
खर्च (2025 तक) अनिर्दिष्ट, लेकिन प्रभावित
स्थिति अस्थायी रूप से रोकी गई
आवश्यक दस्तावेज आयु प्रमाण पत्र, आधार, स्वास्थ्य प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण

4. क्रांति ज्योति सावित्रीबाई फुले चाइल्ड केयर स्कीम: अनाथ बच्चों का हक छिना

1.2 लाख अनाथ बच्चों को 2,250 रुपये मासिक सहायता मिलती थी, लेकिन सितंबर 2024 से बंद। लाडकी बहिन के फंड ने इसे लील लिया।

महत्वपूर्ण जानकारी विवरण
लाभार्थी अनाथ बच्चे (0-18 वर्ष)
लाभ 2,250 रुपये मासिक
खर्च (2025 तक) 80,224 लाभार्थी (2023-24); अब रुका
स्थिति सितंबर 2024 से बंद
आवश्यक दस्तावेज जन्म प्रमाण पत्र, अनाथ प्रमाण पत्र, आधार, संरक्षक ID

5. नमो शेतकरी महासम्मान निधि: किसानों की कर्जमाफी प्रभावित

किसानों को कर्ज माफी और सहायता, लेकिन लाडकी बहिन के कारण फंड कट। मंत्री माणिकराव कोकाट ने कहा कि कई किसान योजनाएं बंद हो गईं।

महत्वपूर्ण जानकारी विवरण
लाभार्थी छोटे-मझोले किसान
लाभ कर्ज माफी, बिजली बिल छूट
खर्च (2025 तक) 15,000 करोड़ वार्षिक; प्रभावित
स्थिति फंड कटौती से प्रभावित; कुछ लाभार्थी सस्पेंड
आवश्यक दस्तावेज किसान प्रमाण पत्र, आधार, बैंक स्टेटमेंट, फसल विवरण

ये योजनाएं बंद होने से गरीब, किसान, अनाथ और वरिष्ठ नागरिक सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे।

महत्वपूर्ण लिंक्स: आसान पहुंच के लिए

नीचे टेबल में सरकारी योजनाओं और अपडेट्स के लिए उपयोगी लिंक्स दिए गए हैं। इनका इस्तेमाल करें जानकारी के लिए:

योजना/स्रोत लिंक
लाडकी बहिन पोर्टल ladakibahin.maharashtra.gov.in
महाराष्ट्र बजट 2025-26 finance.maharashtra.gov.in/budget
e-KYC अपडेट myscheme.gov.in/schemes/mmlby
SC/ST फंड डायवर्शन GR maharashtra.gov.in/gr
कृषि विभाग अपडेट krishi.maharashtra.gov.in

निष्कर्ष: संतुलन की जरूरत, महिलाओं का सशक्तिकरण रुके ना

लाडकी बहिन योजना ने निश्चित रूप से महिलाओं को आर्थिक ताकत दी है, लेकिन इसका फंड संकट राज्य की अन्य जरूरी योजनाओं को कुचल रहा है। महाराष्ट्र सरकार को अब सतत विकास पर फोकस करना चाहिए—शायद फंडिंग को रीअलोकेट करके या केंद्र से अतिरिक्त मदद लेकर। आम नागरिकों के लिए सलाह है कि e-KYC समय पर पूरा करें और अपडेट्स चेक करते रहें। याद रखें, सशक्तिकरण तभी सार्थक है जब सभी वर्गों का भला हो। सरकार से अपेक्षा है कि वह जल्द संतुलन बनाए, ताकि कोई योजना अधर में न लटके। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक साइट्स विजिट करें।

7 अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

  1. लाडकी बहिन योजना में e-KYC कब तक करना जरूरी है? e-KYC 18 नवंबर 2025 तक पूरा करें, वरना अगली किश्त रुक सकती है। आधार और बैंक डिटेल्स अपडेट रखें।
  2. क्या लाडकी बहिन योजना बंद हो रही है? नहीं, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट कहा है कि योजना जारी रहेगी। लेकिन फंडिंग में कटौती हुई है।
  3. अन्य योजनाओं पर असर क्यों पड़ रहा है? सालाना 36,000 करोड़ का खर्च अन्य विभागों के बजट को प्रभावित कर रहा है, जैसे SC/ST फंड डायवर्शन।
  4. शिव भोजन थाली योजना का क्या होगा? फंड कमी से बंद होने की संभावना; अपडेट के लिए खाद्य विभाग की वेबसाइट चेक करें।
  5. अनाथ बच्चों की स्कीम क्यों रुकी? क्रांति ज्योति योजना सितंबर 2024 से बंद; लाडकी बहिन के फंड ने इसे प्रभावित किया। सरकार जल्द बहाल करने पर विचार कर रही है।
  6. किसान कर्ज माफी पर क्या असर पड़ा है? नमो शेतकरी योजना में फंड कटौती; 8 लाख लाभार्थियों की राशि घटाकर 500 रुपये की गई।
  7. लाडकी बहिन के लिए अपात्र कैसे घोषित होता है? यदि पारिवारिक आय 2.5 लाख से ज्यादा, 4-पहिया वाहन या अन्य योजना का लाभ, तो अपात्र। e-KYC में जांच होती है।

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