Madhya Pradesh Gaon Ki Beti Yojana Application Form मध्य प्रदेश सरकार द्वारा संचालित गाँव की बेटी योजना ग्रामीण क्षेत्रों की मेधावी बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहन प्रदान करने वाली एक महत्वपूर्ण सरकारी योजना है।
यह योजना 1 जून 2007 से प्रभावी है और इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण लड़कियों को 12वीं कक्षा के बाद ड्रॉपआउट होने से रोकना है। योजना के तहत योग्य छात्राओं को प्रतिवर्ष 5,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है,
जो सीधे उनके बैंक खाते में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से हस्तांतरित होती है। यह राशि ट्यूशन फीस, किताबें और अन्य शैक्षणिक खर्चों को कवर करने में सहायक सिद्ध होती है।
योजना की शुरुआत से अब तक लाखों ग्रामीण बेटियों ने इसका लाभ उठाया है, जिससे मध्य प्रदेश में लड़कियों की साक्षरता दर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। आधिकारिक पोर्टल MP Higher Education पर योजना की सभी अपडेट उपलब्ध हैं। 2025-26 सत्र के लिए आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन शुरू हो चुकी है,
और छात्राएं जल्द से जल्द आवेदन कर सकती हैं। यह योजना न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करती है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
Objectives of the Scheme
गाँव की बेटी योजना के पीछे सरकार की स्पष्ट दृष्टि है कि ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियां उच्च शिक्षा से वंचित न रहें। योजना के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
ग्रामीण लड़कियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करना: 12वीं के बाद कॉलेज स्तर की पढ़ाई जारी रखने के लिए वित्तीय बाधाओं को दूर करना।
लिंग समानता को बढ़ावा देना: शिक्षा के माध्यम से महिलाओं की सशक्तिकरण सुनिश्चित करना, ताकि वे समाज में सक्रिय भूमिका निभा सकें।
ड्रॉपआउट दर को कम करना: ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक कारणों से होने वाले स्कूल छोड़ने की प्रवृत्ति को रोकना।
शिक्षा की पहुंच बढ़ाना: सरकारी और गैर-सरकारी कॉलेजों में दाखिला लेने वाली छात्राओं को सहायता प्रदान करना।
ये उद्देश्य योजना को मध्य प्रदेश की अन्य योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना से अलग बनाते हैं, जहां फोकस विशेष रूप से ग्रामीण बेटियों पर है। MyScheme Portal पर योजना के उद्देश्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त करें।
Key Benefits for Eligible Students
यह योजना छात्राओं के लिए कई लाभ लेकर आती है, जो उनकी शैक्षणिक यात्रा को आसान बनाते हैं। प्रमुख लाभ इस प्रकार हैं:
वित्तीय सहायता: प्रतिमाह 500 रुपये की स्कॉलरशिप, जो 10 माह के लिए कुल 5,000 रुपये बनती है। यह राशि ट्यूशन, किताबें और स्टेशनरी पर खर्च की जा सकती है।
सीधी बैंक ट्रांसफर: डीबीटी सिस्टम के जरिए पारदर्शी भुगतान, जिसमें कोई मध्यस्थ नहीं।
अन्य योजनाओं के साथ संगतता: छात्राएं अन्य स्कॉलरशिप जैसे पोस्ट-मैट्रिक के साथ भी इसका लाभ ले सकती हैं।
प्रोत्साहन और मान्यता: गाँव की बेटी प्रमाण-पत्र प्राप्त करने से छात्राओं को सामाजिक सम्मान मिलता है।
लंबी अवधि का प्रभाव: उच्च शिक्षा पूरा करने से रोजगार के अवसर बढ़ते हैं, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।
ये लाभ योजना को ग्रामीण छात्राओं के लिए एक वरदान साबित करते हैं।
Eligibility Criteria for Gaon Ki Beti Yojana
योजना का लाभ उठाने के लिए छात्राओं को कुछ बुनियादी मानदंडों को पूरा करना आवश्यक है। योग्यता मानदंड निम्न हैं:
निवास: मध्य प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र की मूल निवासी होना, जिसकी पुष्टि गाँव की बेटी प्रमाण-पत्र से हो।
शैक्षणिक योग्यता: 12वीं कक्षा में न्यूनतम 60% अंक (प्रथम श्रेणी) प्राप्त करना।
कोर्स: मान्यता प्राप्त कॉलेज या विश्वविद्यालय में स्नातक (UG) पाठ्यक्रम में दाखिला लेना।
लिंग: केवल महिला छात्राओं के लिए।
परिवार की आय: आय प्रमाण-पत्र आवश्यक, हालांकि सख्त सीमा (जैसे 1.2 लाख) नहीं है, लेकिन आर्थिक पृष्ठभूमि की जांच होती है।
ये मानदंड सुनिश्चित करते हैं कि वास्तविक जरूरतमंद छात्राएं लाभान्वित हों। अपात्र होने पर आवेदन अस्वीकार हो सकता है।
Required Documents for Application
आवेदन के समय सभी दस्तावेज स्कैन कॉपी में अपलोड करने होते हैं। आवश्यक दस्तावेजों की सूची इस प्रकार है:
समग्र आईडी: आधार से लिंक्ड समग्र आईडी या परिवार आईडी।
आधार कार्ड: छात्रा का आधार नंबर और कार्ड।
12वीं की मार्कशीट: प्रथम श्रेणी साबित करने वाली प्रमाणित कॉपी।
गाँव की बेटी प्रमाण-पत्र: तहसीलदार द्वारा जारी।
आय प्रमाण-पत्र: माता-पिता की वार्षिक आय दर्शाने वाला।
जाति प्रमाण-पत्र: यदि SC/ST/OBC श्रेणी की हैं।
फोटो: हाल की पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ।
कॉलेज विवरण: कॉलेज कोड, ब्रांच कोड और दाखिला प्रमाण।
बैंक विवरण: डीबीटी के लिए सक्रिय खाता नंबर और IFSC।
ये दस्तावेज योजना की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
How to Download Gaon Ki Beti Yojana Application Form
हालांकि स्कॉलरशिप आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन है, लेकिन गाँव की बेटी प्रमाण-पत्र के लिए फॉर्म डाउनलोड किया जा सकता है। प्रक्रिया सरल है:
आधिकारिक वेबसाइट MP Higher Education पर जाएं।
‘डाउनलोड’ सेक्शन में ‘गाँव की बेटी योजना फॉर्म’ खोजें।
PDF फॉर्म डाउनलोड करें: Gaon Ki Beti Form PDF।
फॉर्म प्रिंट करें और भरें।
यह फॉर्म प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के लिए तहसील कार्यालय में जमा करें। स्कॉलरशिप के लिए अलग फॉर्म की जरूरत नहीं।
Step-by-Step Process to Fill the Application Form
स्कॉलरशिप आवेदन फॉर्म भरना आसान है। चरणबद्ध प्रक्रिया निम्न है:
पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन: he scholarship.mp.gov.in पर जाएं और ‘नया आवेदन’ चुनें।
समग्र आईडी वेरिफाई: 9-अंकीय आईडी और कैप्चा दर्ज करें।
व्यक्तिगत विवरण भरें: नाम, जन्मतिथि, मोबाइल, ईमेल आदि।
शैक्षणिक जानकारी: 12वीं अंक, कॉलेज कोड, ब्रांच कोड दर्ज करें।
दस्तावेज अपलोड: सभी आवश्यक फाइलें JPG/PDF फॉर्मेट में अपलोड करें।
बैंक डिटेल्स: खाता नंबर, IFSC जोड़ें।
सबमिट और प्रिंट: फॉर्म चेक करें, सबमिट करें और रसीद डाउनलोड करें।
यह प्रक्रिया 15-20 मिनट में पूरी हो जाती है।
Online Application Procedure (If Available)
हां, आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन उपलब्ध है। प्रक्रिया ऊपर वर्णित चरणों के अनुसार है। मुख्य पोर्टल MP Scholarship Portal पर लॉगिन करें। ई-केवाईसी वेरिफिकेशन अनिवार्य है। 2025-26 के लिए आवेदन जुलाई से शुरू होते हैं, अंतिम तिथि अक्टूबर तक। ऑनलाइन मोड से समय और प्रयास की बचत होती है।
Offline Application Procedure
स्कॉलरशिप के लिए ऑफलाइन आवेदन उपलब्ध नहीं है, लेकिन गाँव की बेटी प्रमाण-पत्र के लिए ऑफलाइन प्रक्रिया अपनाई जा सकती है:
डाउनलोडेड फॉर्म भरें।
स्थानीय तहसीलदार कार्यालय में जमा करें, साथ में दस्तावेज संलग्न करें।
सत्यापन के बाद 15-30 दिनों में प्रमाण-पत्र जारी होता है।
यह विकल्प उन छात्राओं के लिए उपयोगी है जिनके पास इंटरनेट की सुविधा न हो।
Scholarship Amount and Payment Process
स्कॉलरशिप राशि 500 रुपये प्रतिमाह है, जो अकादमिक वर्ष के 10 माह के लिए दी जाती है, कुल 5,000 रुपये। भुगतान प्रक्रिया:
डीबीटी: सीधे आधार-लिंक्ड बैंक खाते में ट्रांसफर।
समय: सत्यापन के बाद प्रत्येक माह अंत में।
ट्रैकिंग: पोर्टल पर स्टेटस चेक करें।
कोई कटौती नहीं, पूर्ण राशि प्राप्त होती है।
Verification and Approval Process
आवेदन सबमिशन के बाद सत्यापन प्रक्रिया शुरू होती है:
ई-केवाईसी: आधार के माध्यम से ऑनलाइन वेरिफाई।
कॉलेज सत्यापन: प्राचार्य द्वारा दाखिला और उपस्थिति की पुष्टि।
विभागीय जांच: आय और निवास प्रमाण-पत्रों की समीक्षा।
अनुमोदन: 30-45 दिनों में, राशि वितरण।
असत्यापन पर आवेदन रद्द हो सकता है। पारदर्शिता के लिए डिजिटल ट्रैकिंग उपलब्ध।
Important Instructions for Applicants
आवेदकों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश:
आवेदन अंतिम तिथि से पहले जमा करें; विलंब पर अस्वीकृति।
सभी दस्तावेज स्पष्ट और वैध हों।
एक से अधिक आवेदन न करें।
स्टेटस नियमित चेक करें।
धोखाधड़ी से बचें; केवल आधिकारिक पोर्टल उपयोग करें।
ये निर्देश योजना की सफलता सुनिश्चित करते हैं।
Helpline Number and Contact Details
सहायता के लिए संपर्क करें:
हेल्पलाइन नंबर: 1800-180-5522 (टोल-फ्री)।
ईमेल: helpdesk@mp.gov.in।
पता: उच्च शिक्षा विभाग, मध्य प्रदेश शासन, भोपाल।
वेबसाइट: Higher Education MP।
किसी समस्या पर तुरंत संपर्क करें।
Frequently Asked Questions (FAQ)
1. गाँव की बेटी योजना में न्यूनतम अंक कितने होने चाहिए?
12वीं में 60% या प्रथम श्रेणी आवश्यक है।
2. क्या आय सीमा है?
आय प्रमाण-पत्र जरूरी, लेकिन सख्त सीमा नहीं; आर्थिक जांच होती है।
3. आवेदन कब तक करें?
2025-26 के लिए जुलाई से अक्टूबर तक; आधिकारिक पोर्टल चेक करें।
4. क्या ऑफलाइन आवेदन संभव है?
स्कॉलरशिप ऑनलाइन; प्रमाण-पत्र के लिए ऑफलाइन।
5. राशि कब मिलती है?
सत्यापन के 1-2 माह बाद, मासिक आधार पर।
6. क्या अन्य स्कॉलरशिप के साथ ले सकते हैं?
हां, संगत है।
7. प्रमाण-पत्र कैसे प्राप्त करें?
तहसीलदार कार्यालय में फॉर्म जमा करें।
Conclusion
मध्य प्रदेश गाँव की बेटी योजना ग्रामीण बेटियों के सपनों को पंख प्रदान करने वाली एक क्रांतिकारी पहल है। यह न केवल वित्तीय सहायता देती है, बल्कि शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भरता और समानता को बढ़ावा देती है।
यदि आप योग्य हैं, तो तुरंत आवेदन करें और अपनी शैक्षणिक यात्रा को मजबूत बनाएं। सरकार की यह योजना लाखों परिवारों की उम्मीदों को साकार कर रही है। अधिक अपडेट के लिए आधिकारिक स्रोतों का अनुसरण करें। शिक्षा ही सशक्तिकरण का आधार है—इसे अपनाएं और चमकें!
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