odisha farmers self declaration paddy registration 2025 ओडिशा के किसानों के लिए स्व-घोषणा पत्र से धान बेचने का आसान रजिस्ट्रेशन | Odisha Farmers News
ओडिशा के किसानों के लिए खुशखबरी! अब स्व-घोषणा पत्र के जरिए आसानी से धान बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन करें। जानें 2025-26 खरीफ सीजन की नई प्रक्रिया, तारीखें और लाभ।
ओडिशा सरकार ने किसानों के लिए धान बेचने की प्रक्रिया को सरल बनाया है। अब स्व-घोषणा पत्र के माध्यम से रजिस्ट्रेशन कर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का लाभ उठाएं। इस लेख में जानें पूरी प्रक्रिया, तारीखें और महत्वपूर्ण जानकारी।
ओडिशा के किसानों के लिए खुशखबरी, अब ‘स्व-घोषणा पत्र’ से कर सकेंगे धान बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन
दोस्तों, अगर आप ओडिशा के किसान हैं या आपके परिवार में कोई किसान है, तो यह खबर आपके लिए किसी तोहफे से कम नहीं है! ओडिशा सरकार ने खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के लिए धान बेचने की प्रक्रिया को और भी आसान कर दिया है। अब आपको जटिल दस्तावेजों की चिंता करने की जरूरत नहीं है।
बस एक स्व-घोषणा पत्र भरकर आप धान बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का पूरा लाभ उठा सकते हैं। आइए, इस नई पहल के बारे में विस्तार से जानते हैं और समझते हैं कि यह आपके लिए कैसे फायदेमंद है।
1. स्व-घोषणा पत्र: रजिस्ट्रेशन का नया तरीका
पहले किसानों को धान बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन करने में कई दस्तावेज जमा करने पड़ते थे, जैसे कानूनी उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र, सह-स्वामियों की सहमति और राजस्व निरीक्षक की रिपोर्ट। इन दस्तावेजों को जुटाने में समय और मेहनत लगती थी, जिसके कारण कई किसान रजिस्ट्रेशन से वंचित रह जाते थे।
लेकिन अब ओडिशा सरकार ने स्व-घोषणा पत्र की सुविधा शुरू की है। इस पत्र में आपको अपनी जमीन और फसल से संबंधित बुनियादी जानकारी देनी होगी, और आप आसानी से रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे। यह प्रक्रिया खासतौर पर उन किसानों के लिए वरदान है, जिनके पास जटिल दस्तावेज तैयार करने का समय या संसाधन नहीं है।
2. रजिस्ट्रेशन की तारीख बढ़ी, मिलेगा ज्यादा समय
ओडिशा सरकार ने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख को 20 अगस्त से बढ़ाकर 25 अगस्त 2025 कर दिया है। इसके साथ ही, पूरी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 30 अगस्त तक समाप्त हो जाएगी।
यह अतिरिक्त समय उन किसानों के लिए बहुत मददगार है, जो पहले दस्तावेजों की कमी के कारण रजिस्ट्रेशन नहीं कर पाए थे। तो, दोस्तों, अगर आपने अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं किया है, तो जल्दी से इस मौके का फायदा उठाएं!
3. धान खरीद की शुरुआत: नवंबर से होगी शुरूआत
खरीफ फसल की धान खरीद नवंबर 2025 के पहले सप्ताह से शुरू होगी। इस बार सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि सभी पंजीकृत किसान अपनी फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेच सकें। इसके लिए सरकार ने सभी जिलों में स्व-घोषणा पत्र के फॉर्म भेज दिए हैं, जो जिला कलेक्टरों के माध्यम से किसानों तक पहुंचाए जा रहे हैं। यह कदम सुनिश्चित करता है कि कोई भी पात्र किसान MSP का लाभ लेने से वंचित न रहे।
दोस्तों, यह खबर वाकई में ओडिशा के किसानों के लिए एक बड़ी राहत है। अब आपको बस एक स्व-घोषणा पत्र भरना है, और आप बिना किसी परेशानी के धान बेचने के लिए तैयार हैं। लेकिन अभी भी कुछ सवाल हो सकते हैं, जैसे कि फॉर्म कहां से लें या इसे कैसे भरें? चलिए, आगे जानते हैं कि इस प्रक्रिया को और आसान कैसे बनाया गया है।
4. मॉडल मंडियों का निर्माण: बेहतर सुविधाएं
ओडिशा सरकार ने किसानों की धान बिक्री को और सुगम बनाने के लिए सभी जिलों में 38 मॉडल मंडियों की स्थापना को मंजूरी दी है। इन मंडियों में आधुनिक भंडारण, गुणवत्ता परीक्षण कियोस्क, इलेक्ट्रॉनिक वे-ब्रिज, और किसानों के लिए विश्राम शेड जैसी सुविधाएं होंगी। इनका उद्देश्य धान बिक्री की प्रक्रिया को पारदर्शी और कुशल बनाना है, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके। पहले चरण में 300 करोड़ रुपये की लागत से इन मंडियों का निर्माण होगा, और अगले चरण में 62 और मंडियां बनाई जाएंगी।
5. सरकारी योजनाओं का अतिरिक्त लाभ
ओडिशा सरकार ने किसानों के लिए कई अन्य योजनाएं भी शुरू की हैं। उदाहरण के लिए, समृद्ध किसान योजना के तहत प्रति क्विंटल धान पर 800 रुपये की अतिरिक्त इनपुट सहायता दी जा रही है। पिछले खरीफ सीजन में 17 लाख किसानों को लगभग 6,000 करोड़ रुपये की सहायता मिली थी। इसके अलावा, पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 34.85 लाख से अधिक किसानों को 697 करोड़ रुपये की राशि दी गई है। यह योजनाएं किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में मदद कर रही हैं।
इस पोस्ट को पढ़ें:- लाडो प्रोत्साहन योजना 2025: आवेदन फॉर्म भरने की पूरी प्रक्रिया और दिशानिर्देश
6. कैसे करें रजिस्ट्रेशन?
रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को और सरल बनाने के लिए, सरकार ने आधार ई-केवाईसी को भी शामिल किया है। आपको बस नजदीकी जिला कलेक्टर कार्यालय या मंडी से स्व-घोषणा पत्र का फॉर्म लेना होगा। इसे भरकर और आधार के माध्यम से अपनी पहचान सत्यापित करके आप रजिस्ट्रेशन पूरा कर सकते हैं। अगर आपको फॉर्म भरने में कोई परेशानी हो, तो स्थानीय कृषि अधिकारियों से संपर्क करें।
दोस्तों, यह खबर वाकई में ओडिशा के किसानों के लिए एक बड़ी राहत है। अब आपको बस एक स्व-घोषणा पत्र भरना है, और आप बिना किसी परेशानी के धान बेचने के लिए तैयार हैं। लेकिन अभी भी कुछ सवाल हो सकते हैं, जैसे कि फॉर्म कहां से लें या इसे कैसे भरें? चलिए, आगे जानते हैं कि इस प्रक्रिया को और आसान कैसे बनाया गया है।
7. किसानों की समस्याओं का समाधान
पिछले सालों में, कई किसानों ने शिकायत की थी कि बारिश या मंडियों में जगह की कमी के कारण उनकी फसल बेचने में देरी हुई। इस बार सरकार ने इन समस्याओं को ध्यान में रखते हुए मॉडल मंडियों के साथ-साथ टोकन सिस्टम को भी बेहतर किया है। टोकन धारक किसानों का धान समय सीमा खत्म होने के बाद भी खरीदा जाएगा, जिससे कोई भी किसान अपनी उपज बेचने से वंचित न रहे।
8. क्यों है यह कदम महत्वपूर्ण?
स्व-घोषणा पत्र की सुविधा और रजिस्ट्रेशन की बढ़ी हुई तारीखें किसानों को समय पर अपनी फसल बेचने का मौका देती हैं। यह कदम खासतौर पर छोटे और मध्यम किसानों के लिए फायदेमंद है, जिनके पास दस्तावेज जुटाने के लिए संसाधन कम होते हैं। इसके अलावा, मॉडल मंडियों का निर्माण और सरकारी योजनाओं का लाभ किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगा।
External Links
अधिक जानकारी के लिए, ओडिशा सरकार की आधिकारिक वेबसाइट www.odisha.gov.in पर जाएं।
पीएम किसान सम्मान निधि योजना के बारे में और जानने के लिए www.pmkisan.gov.in देखें।
दोस्तों, यह नई प्रक्रिया ओडिशा के किसानों के लिए एक गेम-चेंजर है। अब बिना किसी झंझट के आप अपनी फसल को उचित दाम पर बेच सकते हैं। तो देर न करें, 25 अगस्त से पहले अपना रजिस्ट्रेशन पूरा करें और इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाएं! अगर आपके कोई सवाल हैं, तो हमें कमेंट में जरूर बताएं।
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