PM-KISAN से ज्यादा पैसा दे रही ये दो सरकारी योजनाएं! कैसे और कब करें आवेदन

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PM Kisan Yojana Se Jyada Paisa भारत में किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए सरकार ने कई योजनाएं शुरू की हैं। इनमें से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना सबसे लोकप्रिय है, जो छोटे और सीमांत किसानों को प्रति वर्ष 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ अन्य सरकारी योजनाएं

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PM-KISAN से भी ज्यादा वित्तीय सहायता दे रही हैं? इस लेख में हम दो ऐसी योजनाओं—प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना (PM-KMY) और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC)—के बारे में विस्तार से बताएंगे, जो किसानों को अधिक लाभ और बेहतर वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती हैं। अगर आप 40-45 वर्ष की आयु के भारतीय किसान हैं, तो यह लेख आपके लिए बहुत उपयोगी साबित होगा। आइए, इन योजनाओं के लाभ, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और समयसीमा के बारे में सबकुछ जानते हैं।

1. प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना (PM-KMY): किसानों के लिए पेंशन की गारंटी

प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना (PM-KMY) एक ऐसी योजना है, जो छोटे और सीमांत किसानों को बुढ़ापे में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है। यह योजना PM-KISAN से अलग है, क्योंकि यह लंबी अवधि के लिए पेंशन के रूप में वित्तीय सहायता देती है। अगर आप 40-45 वर्ष की आयु के हैं, तो यह योजना आपके भविष्य को सुरक्षित करने का एक शानदार अवसर है।

PM Kisan Yojana Se Jyada Paisa

PM-KMY के प्रमुख लाभ

60 वर्ष की आयु के बाद पेंशन: इस योजना के तहत, 60 वर्ष की आयु के बाद किसानों को प्रति माह 3,000 रुपये की पेंशन दी जाती है। यह सालाना 36,000 रुपये होती है, जो PM-KISAN के 6,000 रुपये से कहीं ज्यादा है।

न्यूनतम अंशदान: आपको हर महीने 55 से 200 रुपये तक का छोटा अंशदान देना होगा, जो आपकी आयु पर निर्भर करता है। सरकार भी आपके अंशदान के बराबर राशि जमा करती है।

परिवार को लाभ: यदि किसान की मृत्यु हो जाती है, तो उनके जीवनसाथी को 50% पेंशन (1,500 रुपये प्रति माह) मिलती है।

स्वैच्छिक निकास का विकल्प: यदि आप योजना से बाहर निकलना चाहते हैं, तो आपका जमा किया हुआ अंशदान और उसका ब्याज आपको वापस मिल जाएगा।

पात्रता मानदंड PM Kisan Yojana Se Jyada Paisa

छोटे और सीमांत किसान, जिनके पास 2 हेक्टेयर से कम कृषि योग्य भूमि हो।

आयु 18 से 40 वर्ष के बीच हो। 40-45 वर्ष के किसानों के लिए यह योजना अभी भी उपलब्ध है, लेकिन आपको अधिक मासिक अंशदान देना पड़ सकता है।

PM-KISAN योजना का लाभार्थी होना जरूरी नहीं है, लेकिन यह मददगार हो सकता है।

उच्च आर्थिक स्थिति वाले किसान, जैसे आयकर दाता, सरकारी कर्मचारी, या पेशेवर (डॉक्टर, वकील आदि) इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं।

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आवेदन प्रक्रिया

नजदीकी CSC केंद्र पर जाएं: अपने नजदीकी सामान्य सेवा केंद्र (Common Service Centre) पर जाएं और PM-KMY के लिए पंजीकरण कराएं।

आवश्यक दस्तावेज: आधार कार्ड, बैंक खाता पासबुक, और भूमि स्वामित्व के दस्तावेज साथ ले जाएं।

ऑनलाइन पंजीकरण: आप PM-KMY की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर स्व-पंजीकरण भी कर सकते हैं। “Farmers Corner” में जाकर “Self Enrollment” विकल्प चुनें।

पहला अंशदान: पंजीकरण के बाद, आपको पहला मासिक अंशदान जमा करना होगा। यह राशि आपके बैंक खाते से ऑटो-डेबिट हो सकती है।

सत्यापन: आपके दस्तावेजों का सत्यापन राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा, और स्वीकृति के बाद आपका पेंशन खाता सक्रिय हो जाएगा।

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आवेदन करने का समय

PM-KMY के लिए पंजीकरण किसी भी समय किया जा सकता है, लेकिन जल्दी पंजीकरण करने से आपका मासिक अंशदान कम होगा। 40-45 वर्ष की आयु में पंजीकरण करने पर आपको प्रति माह लगभग 110-200 रुपये जमा करने होंगे।

क्यों है यह PM-KISAN से बेहतर?

PM-KISAN प्रति वर्ष 6,000 रुपये देता है, जो तत्काल खर्चों के लिए उपयोगी है। लेकिन PM-KMY 60 वर्ष की आयु के बाद 36,000 रुपये सालाना देता है, जो लंबी अवधि में अधिक लाभकारी है। यह योजना आपके बुढ़ापे को आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाती है।

2. किसान क्रेडिट कार्ड (KCC): कम ब्याज पर ऋण और बीमा सुविधा

किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना 1998 में शुरू की गई थी, लेकिन इसे PM-KISAN के साथ जोड़कर और अधिक प्रभावी बनाया गया है। यह योजना किसानों को कम ब्याज दरों पर ऋण प्रदान करती है, जिससे वे कृषि और संबद्ध गतिविधियों के लिए पूंजी प्राप्त कर सकते हैं। 40-45 वर्ष के किसानों के लिए, जो अपने खेती के व्यवसाय को बढ़ाना चाहते हैं, यह योजना एक वरदान है।

KCC के प्रमुख लाभ

कम ब्याज पर ऋण: KCC के तहत 3 लाख रुपये तक का ऋण 2-4% की कम ब्याज दर पर उपलब्ध है। PM-KISAN लाभार्थियों के लिए यह और भी आसान है।

कोलैटरल-मुक्त ऋण: 1.6 लाख रुपये तक के ऋण के लिए कोई जमानत नहीं चाहिए।

फसल बीमा: KCC में इन-बिल्ट फसल बीमा शामिल है, जो प्राकृतिक आपदाओं से फसल नुकसान की स्थिति में सुरक्षा देता है।

लचीला पुनर्भुगतान: ऋण चुकाने के लिए लचीले विकल्प उपलब्ध हैं, जिससे किसानों पर दबाव कम होता है।

अन्य खर्चों के लिए उपयोग: KCC का उपयोग केवल खेती के लिए ही नहीं, बल्कि पशुपालन, मछली पालन, और घरेलू जरूरतों के लिए भी किया जा सकता है।

इस पोस्ट को पढ़ें:- पीएम धन धान्य कृषि योजना 2025: किसानों के लिए एक नई उम्मीद – पूरी जानकारी

पात्रता मानदंड

सभी किसान, जिनके पास कृषि योग्य भूमि हो, चाहे वह ग्रामीण हो या शहरी क्षेत्र में।

PM-KISAN लाभार्थी होने से आवेदन प्रक्रिया आसान हो जाती है।

भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है।

आयकर दाता या उच्च आर्थिक स्थिति वाले किसान पात्र नहीं हैं।

आवेदन प्रक्रिया

PM-KISAN पोर्टल पर जाएं: PM-KISAN की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और “Farmers Corner” में KCC आवेदन फॉर्म डाउनलोड करें।

दस्तावेज तैयार करें: आधार कार्ड, भूमि स्वामित्व के दस्तावेज, पासपोर्ट साइज फोटो, और बैंक खाता विवरण।

बैंक में जमा करें: अपने नजदीकी बैंक शाखा में फॉर्म और दस्तावेज जमा करें। PM-KISAN लाभार्थियों के लिए डेटा पहले से उपलब्ध होता है, जिससे प्रक्रिया तेज होती है।

सत्यापन और स्वीकृति: बैंक आपके दस्तावेजों का सत्यापन करेगा और स्वीकृति के बाद KCC जारी करेगा।

KCC का उपयोग: KCC के माध्यम से आप जरूरत के अनुसार ऋण निकाल सकते हैं और इसे 5 वर्षों तक उपयोग कर सकते हैं।

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आवेदन करने का समय

KCC के लिए साल भर आवेदन किया जा सकता है। हालांकि, फसल सीजन (रबी या खरीफ) से पहले आवेदन करना सबसे अच्छा है, ताकि आपको समय पर पूंजी मिल सके।

क्यों है यह PM-KISAN से बेहतर?

PM-KISAN केवल 6,000 रुपये की निश्चित राशि देता है, जबकि KCC के तहत आप 3 लाख रुपये तक का ऋण प्राप्त कर सकते हैं। यह राशि खेती के लिए उपकरण, बीज, उर्वरक, और अन्य जरूरतों को पूरा करने में मदद करती है। साथ ही, फसल बीमा और कम ब्याज दर इसे और आकर्षक बनाते हैं।

फसल बीमा और लचीला पुनर्भुगतान

PM-KMY और KCC दोनों ही योजनाएं PM-KISAN की तुलना में अधिक व्यापक लाभ प्रदान करती हैं। जहां PM-KMY आपके भविष्य को सुरक्षित करता है, वहीं KCC आपकी वर्तमान कृषि जरूरतों को पूरा करता है।

इन योजनाओं का लाभ कैसे उठाएं?

जल्दी पंजीकरण करें: PM-KMY के लिए जल्दी पंजीकरण से आपका मासिक अंशदान कम होगा। KCC के लिए फसल सीजन से पहले आवेदन करें।

दस्तावेज पूरे रखें: आधार कार्ड, बैंक खाता, और भूमि स्वामित्व के दस्तावेज हमेशा तैयार रखें।

ई-केवाईसी पूरा करें: दोनों योजनाओं के लिए ई-केवाईसी अनिवार्य है। इसे PM-KISAN पोर्टल पर या CSC केंद्र पर पूरा करें।

किसान ई-मित्र चैटबॉट का उपयोग करें: सरकार ने किसान ई-मित्र चैटबॉट शुरू किया है, जो 10 भाषाओं (हिंदी सहित) में आपकी समस्याओं का समाधान करता है। इसे PM-KISAN वेबसाइट पर एक्सेस करें।

निष्कर्ष

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) एक शानदार योजना है, लेकिन प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना (PM-KMY) और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) किसानों को अधिक वित्तीय सहायता और लचीलापन प्रदान करती हैं। PM-KMY आपके बुढ़ापे को सुरक्षित करता है, जबकि KCC खेती और संबद्ध गतिविधियों के लिए पूंजी उपलब्ध कराता है। अगर आप 40-45 वर्ष के भारतीय किसान हैं, तो इन योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करें। अभी पंजीकरण करें और अपने परिवार के लिए एक सुरक्षित और समृद्ध भविष्य सुनिश्चित करें।

अधिक जानकारी के लिए:

PM-KISAN आधिकारिक वेबसाइट

PM-KMY आधिकारिक पोर्टल

कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय


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