pm kusum yojana online registration: क्या किसानों को सोलर पंप लगाने पर सरकार देती है 90% सब्सिडी? जानिए योग्यता किसानों की आय बढ़ाने और खेती को पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिए भारत सरकार ने कई महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू की हैं। इनमें PM Kusum Yojana 2025 एक प्रमुख कदम है, जो सौर ऊर्जा के माध्यम से किसानों को सशक्त बनाती है। यह योजना डीजल और बिजली पर निर्भरता कम करती है,
जिससे किसानों की लागत घटती है और उनकी कमाई बढ़ती है। लेकिन सवाल यह है कि क्या सोलर पंप लगाने पर सरकार वाकई 90% सब्सिडी देती है? इस लेख में हम इसकी गहराई से पड़ताल करेंगे, योग्यता बताएंगे, आवेदन प्रक्रिया समझाएंगे और योजना की सभी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा करेंगे। यदि आप एक किसान हैं या सामान्य भारतीय नागरिक, तो यह जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित होगी। आइए, चरणबद्ध तरीके से समझते हैं।
7 Key Highlights of PM Kusum Yojana 2025
pm kusum yojana online registration के तहत सरकार ने किसानों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए कई प्रोत्साहन दिए हैं। यहां योजना के सात प्रमुख हाइलाइट्स हैं, जो इसे किसानों के लिए आकर्षक बनाते हैं:
सब्सिडी का आकर्षक मॉडल: योजना के तहत सोलर पंप पर कुल 60% सब्सिडी मिलती है (केंद्र से 30% और राज्य से 30%)। विशेष श्रेणी के राज्यों (जैसे उत्तर-पूर्वी राज्य, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड) में केंद्र सब्सिडी 50% तक बढ़ जाती है। लघु एवं सीमांत किसानों के लिए कुल सहायता 90% तक पहुंच सकती है, क्योंकि 30% बैंक लोन उपलब्ध होता है और किसान केवल 10% योगदान देता है। इससे सोलर पंप लगाना बेहद किफायती हो जाता है।
तीन मुख्य कंपोनेंट्स: योजना तीन भागों में विभाजित है। कंपोनेंट A में 10,000 MW विकेंद्रीकृत ग्रिड-कनेक्टेड सोलर प्लांट लगाए जाते हैं। कंपोनेंट B में 17.50 लाख स्टैंड-अलोन सोलर एग्रीकल्चर पंप इंस्टॉल होते हैं। कंपोनेंट C में 10 लाख ग्रिड-कनेक्टेड एग्रीकल्चर पंप सोलराइज्ड किए जाते हैं। ये सभी किसानों की सिंचाई जरूरतों को पूरा करते हैं।
आय सृजन का अवसर: अतिरिक्त सोलर ऊर्जा को डिस्कॉम को बेचकर किसान अतिरिक्त कमाई कर सकते हैं। इससे न केवल बिजली बिल शून्य होता है, बल्कि सालाना हजारों रुपये की बचत भी होती है।
पर्यावरण संरक्षण: डीजल पंपों की जगह सोलर पंप अपनाने से कार्बन उत्सर्जन कम होता है। योजना 2025 तक 34,800 MW सोलर क्षमता जोड़ने का लक्ष्य रखती है, जो जलवायु परिवर्तन से लड़ने में मददगार है।
लोन सुविधा: बैंक 30% लागत पर आसान लोन देते हैं। किसान केवल 10% अग्रिम भुगतान करता है, बाकी सब्सिडी और लोन से कवर हो जाता है।
चरणबद्ध लक्ष्य: 2025-26 तक 45,000 सोलर पंप लगाने का लक्ष्य है। अब तक लाखों किसान लाभान्वित हो चुके हैं, जो योजना की सफलता दर्शाता है।
डिजिटल सुगमता: ऑनलाइन आवेदन और ट्रैकिंग से प्रक्रिया सरल है। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल pmkusum.mnre.gov.in पर जाएं।
ये हाइलाइट्स योजना को किसानों के लिए व्यावहारिक बनाते हैं, जहां वे कम लागत में आधुनिक तकनीक अपना सकते हैं।
Subsidy Structure Under PM Kusum Yojana 2025
सब्सिडी pm kusum yojana online registration का सबसे मजबूत पक्ष है। सोलर पंप (3 HP से 7.5 HP तक) की लागत 3 लाख से 10 लाख रुपये होती है। केंद्र सरकार बेंचमार्क कॉस्ट का 30% (या टेंडर कॉस्ट, जो कम हो) देती है। राज्य सरकार अतिरिक्त 30% जोड़ती है। विशेष राज्यों में केंद्र का योगदान 50% होता है, जिससे कुल सब्सिडी 80% तक पहुंच जाती है। लघु किसानों के लिए, जहां राज्य अतिरिक्त छूट देता है, प्रभावी सब्सिडी 90% तक हो सकती है—क्योंकि किसान केवल 10% देता है। उदाहरण के लिए, उत्तर प्रदेश में लघु किसानों को 90% सहायता मिल रही है। यह संरचना किसानों को बिना बोझ के सोलर अपनाने की आजादी देती है। विस्तृत गाइडलाइंस के लिए MNRE वेबसाइट देखें।
Eligibility Criteria for PM Kusum Yojana 2025
pm kusum yojana online registration में आवेदन करने के लिए किसानों को कुछ बुनियादी योग्यताएं पूरी करनी होती हैं। प्राथमिकता लघु एवं सीमांत किसानों को दी जाती है। मुख्य मानदंड इस प्रकार हैं:
भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है।
कम से कम 1 एकड़ कृषि भूमि का मालिक या पट्टेदार होना चाहिए।
ऑफ-ग्रिड क्षेत्रों में रहने वाले किसान स्टैंड-अलोन पंप के लिए पात्र हैं।
ग्रुप ऑफ फार्मर्स, पंचायतें या कोऑपरेटिव सोसाइटियां भी आवेदन कर सकती हैं।
कोई डिफॉल्ट लोन न हो और बैंक अकाउंट सक्रिय हो।
सूर्य प्रकाश वाली भूमि उपलब्ध हो।
ये मानदंड सुनिश्चित करते हैं कि योजना वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचे। यदि आप योग्य हैं, तो तुरंत आवेदन करें।
Required Documents for PM Kusum Yojana Application
आवेदन के समय दस्तावेजों की सत्यता महत्वपूर्ण है। PM Kusum Yojana 2025 के लिए निम्नलिखित दस्तावेज जमा करने पड़ते हैं:
आधार कार्ड (आवेदक या अधिकृत प्रतिनिधि का)।
भूमि स्वामित्व प्रमाण-पत्र (आरटीसी, पट्टा या लीज डीड)।
बैंक पासबुक की कॉपी (लोन और सब्सिडी के लिए)।
फोटो आईडी प्रूफ (वोटर आईडी या ड्राइविंग लाइसेंस)।
पासपोर्ट साइज फोटो।
कृषि भूमि का नक्शा या सर्वे नंबर।
यदि ग्रुप आवेदन, तो सोसाइटाईजेशन सर्टिफिकेट।
ये दस्तावेज स्कैन करके अपलोड करें। असत्य दस्तावेज पर आवेदन रद्द हो सकता है। अधिक सहायता के लिए स्थानीय डिस्कॉम या SNED से संपर्क करें।
How to Apply for PM Kusum Yojana 2025: Step-by-Step Guide
आवेदन प्रक्रिया सरल और ऑनलाइन है। PM Kusum Yojana 2025 के लिए चरण इस प्रकार हैं:
आधिकारिक वेबसाइट pmkusum.mnre.gov.in पर जाएं।
‘नया पंजीकरण’ पर क्लिक करें और मोबाइल नंबर व ईमेल से रजिस्टर करें।
लॉगिन करने के बाद ‘सोलर एग्रीकल्चर पंप सब्सिडी स्कीम’ चुनें।
फॉर्म भरें: व्यक्तिगत विवरण, भूमि जानकारी और कंपोनेंट चुनें।
दस्तावेज अपलोड करें और सबमिट करें।
टोकन नंबर जनरेट होगा; SMS से स्टेटस ट्रैक करें।
सत्यापन के बाद इंस्टॉलेशन होता है और सब्सिडी बैंक में ट्रांसफर होती है।
यह प्रक्रिया 15-30 दिनों में पूरी हो जाती है। राज्य-विशेष पोर्टल (जैसे UP में upneda.org) भी चेक करें।
Conclusion
PM Kusum Yojana 2025 किसानों के लिए एक वरदान साबित हो रही है, जो न केवल 90% तक की प्रभावी सब्सिडी प्रदान करती है बल्कि सतत विकास को बढ़ावा देती है। यह योजना खेती को ऊर्जा-स्वतंत्र बनाती है, लागत घटाती है और पर्यावरण की रक्षा करती है। यदि आप योग्य हैं, तो देर न करें—आज ही आवेदन करें और सौर क्रांति का हिस्सा बनें। सरकार की यह पहल लाखों किसानों की जिंदगी बदल रही है, और आप भी इसका लाभ उठा सकते हैं। अधिक अपडेट्स के लिए आधिकारिक साइट्स फॉलो करें। सशक्त खेती, समृद्ध भारत!
7 FAQs on PM Kusum Yojana 2025
क्या PM Kusum Yojana 2025 में सोलर पंप पर 90% सब्सिडी मिलती है?
हां, लघु एवं सीमांत किसानों को कुल सहायता (सब्सिडी + लोन) 90% तक मिल सकती है, जहां किसान केवल 10% देता है। सामान्यतः 60% सब्सिडी होती है।
इस योजना के लिए कौन आवेदन कर सकता है?
सभी भारतीय किसान, विशेष रूप से लघु एवं सीमांत वाले, जो कृषि भूमि के मालिक हों। ग्रुप्स और पंचायतें भी पात्र हैं।
आवेदन के लिए कितने दिन लगते हैं?
ऑनलाइन आवेदन तुरंत सबमिट होता है, लेकिन सत्यापन और इंस्टॉलेशन में 15-45 दिन लग सकते हैं।
क्या अतिरिक्त सोलर ऊर्जा बेची जा सकती है?
हां, कंपोनेंट C के तहत अतिरिक्त बिजली डिस्कॉम को बेचकर आय कमाई जा सकती है।
विशेष राज्यों में सब्सिडी कितनी है?
उत्तर-पूर्वी राज्यों आदि में केंद्र सब्सिडी 50% तक, कुल 80% सहायता मिलती है।
आवेदन स्टेटस कैसे चेक करें?
पोर्टल पर लॉगिन करके ‘ट्रैक एप्लीकेशन’ से SMS/ईमेल अपडेट पाएं।
क्या योजना 2025 में जारी रहेगी?
हां, 2025-26 तक लक्ष्य बढ़ाया गया है, और विस्तार की योजना है।