Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana PMFB पीएम फसल बीमा योजना में नहीं कवर होते ये नुकसान, पहले ही जान लें सभी किसान पीएम फसल बीमा योजना (PMFBY) के बारे में पूरी जानकारी हिंदी में। जानें कौन से नुकसान कवर नहीं होते, पात्रता, दस्तावेज, और लाभ। किसानों के लिए यह योजना कैसे मददगार है, पढ़ें!
क्या आप एक किसान हैं और Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana PMFB के बारे में जानना चाहते हैं? यह लेख आपको इस योजना के तहत कवर न होने वाले नुकसानों, पात्रता, जरूरी दस्तावेज, और हाल के अपडेट्स की पूरी जानकारी देगा। हमने इसे आपके दोस्त की तरह आसान और रोचक तरीके से लिखा है ताकि आपको हर बात समझ आए।
Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana PMFBY
हाय दोस्तों! अगर आप एक किसान हैं या खेती से जुड़े हैं, तो आपने Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana (PMFBY) का नाम जरूर सुना होगा। ये योजना हमारे देश के किसानों के लिए एक वरदान है, जो प्राकृतिक आपदाओं, कीटों, और बीमारियों से होने वाले फसल नुकसान से बचाती है। लेकिन, रुकिए! क्या आप जानते हैं कि इस योजना में कुछ नुकसान ऐसे हैं जो कवर नहीं होते? जी हां, दोस्त, ये जानना बहुत जरूरी है ताकि आप सही समय पर सही फैसला ले सकें।
आज हम आपके साथ PMFBY की पूरी जानकारी शेयर करेंगे, जैसे कि ये योजना क्या है, इसके फायदे, कौन से नुकसान कवर नहीं होते, और इसके लिए आपको किन दस्तावेजों की जरूरत पड़ेगी। तो, चलिए शुरू करते हैं!
PMFBY क्या है?
Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana 18 फरवरी 2016 को हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा शुरू की गई थी। इसका मकसद है किसानों को फसल नुकसान से होने वाले आर्थिक जोखिम से बचाना। ये योजना पुरानी योजनाओं जैसे National Agriculture Insurance Scheme (NAIS) और Modified National Agricultural Insurance Scheme (MNAIS) को मिलाकर बनाई गई है, जिसमें उनकी कमियों को दूर किया गया है।
इसका नारा है “One Nation, One Crop, One Premium”, यानी पूरे देश में एकसमान प्रीमियम दर। इसका मतलब है कि चाहे आप किसी भी राज्य में हों, आपको Kharif crops के लिए 2%, Rabi crops के लिए 1.5%, और Commercial/Horticultural crops के लिए 5% प्रीमियम देना होगा। बाकी का प्रीमियम सरकार सब्सिडी के रूप में देती है
PMFBY के तहत क्या-क्या कवर होता है?
दोस्त, ये योजना फसल के पूरे चक्र को कवर करती है – बुवाई से लेकर कटाई तक, और कटाई के बाद भी 14 दिनों तक (अगर फसल खेत में सुखाने के लिए रखी हो)। ये उन नुकसानों को कवर करती है जो प्राकृतिक आपदाओं या गैर-रोकथाम योग्य जोखिमों की वजह से होते हैं। जैसे कि:
- प्राकृतिक आपदाएं: सूखा, बाढ़, तूफान, चक्रवात, ओलावृष्टि, भूस्खलन, और बिजली गिरना।
- कीट और रोग: फसलों पर कीटों या बीमारियों का व्यापक हमला।
- स्थानीय आपदाएं: hailstorm, landslide, inundation, cloudburst, और प्राकृतिक आग जैसे जोखिम जो अलग-अलग खेतों को प्रभावित करते हैं।
- कटाई के बाद के नुकसान: चक्रवात, cyclonic rains, या असामयिक बारिश से खेत में सुखाई जा रही फसल को नुकसान।
हमारा ये लेख हिंदी में इसलिए लिखा गया है ताकि आपको हर बात आसानी से समझ आए। हम आपके दोस्त की तरह हर जानकारी को सरल और स्पष्ट तरीके से बता रहे हैं। अगर आपको और भी सरकारी योजनाओं की जानकारी चाहिए, तो setukendra.com पर जाकर हमारा लेटेस्ट लेख “पीएम किसान योजना की अगली किस्त, तो जल्द पूरे कर लें ये काम अपडेट्स” जरूर पढ़ें।
PMFBY में कौन से नुकसान कवर नहीं होते?
अब आते हैं उस सवाल पर जो सबसे जरूरी है – PMFBY में कौन से नुकसान कवर नहीं होते? दोस्त, ये जानना बहुत जरूरी है ताकि आप गलत उम्मीद न पालें। निम्नलिखित नुकसानों को इस योजना के तहत कवर नहीं किया जाता:
- युद्ध और परमाणु जोखिम: अगर फसल युद्ध, परमाणु हमले, या इससे जुड़े खतरों से नष्ट होती है, तो इसे कवर नहीं किया जाएगा।
- दुर्भावनापूर्ण नुकसान: अगर कोई जानबूझकर आपकी फसल को नुकसान पहुंचाता है, जैसे आग लगाना या तोड़फोड़, तो ये कवर नहीं होगा।
- चोरी या लूट: फसल की चोरी या लूटपाट से होने वाला नुकसान इस योजना में शामिल नहीं है।
- पशुओं द्वारा नुकसान: जंगली जानवरों या पालतू पशुओं द्वारा फसल को नुकसान होने पर क्लेम नहीं मिलेगा, सिवाय इसके कि राज्य सरकार ने इसे ऐड-ऑन कवर के रूप में शामिल किया हो।
- रोकथाम योग्य जोखिम: अगर नुकसान ऐसी वजहों से हुआ जो किसान रोक सकता था, जैसे खराब रखरखाव या गलत खेती के तरीके, तो क्लेम नहीं मिलेगा।
तो, दोस्त, इन बातों का ध्यान रखें ताकि आपको बाद में कोई आश्चर्य न हो।
हमारा ये लेख हिंदी में इसलिए लिखा गया है ताकि आपको हर बात आसानी से समझ आए। हम आपके दोस्त की तरह हर जानकारी को सरल और स्पष्ट तरीके से बता रहे हैं। अगर आपको और भी सरकारी योजनाओं की जानकारी चाहिए, तो setukendra.com पर जाकर हमारा लेटेस्ट लेख “पीएम किसान योजना की अगली किस्त, तो जल्द पूरे कर लें ये काम अपडेट्स” जरूर पढ़ें।
PMFBY की महत्वपूर्ण जानकारी (Table Format)
विवरण | जानकारी |
---|---|
योजना का नाम | Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana (PMFBY) |
लॉन्च तारीख | 18 फरवरी 2016 |
उद्देश्य | फसल नुकसान से आर्थिक सुरक्षा, किसानों की आय स्थिर करना, आधुनिक खेती को बढ़ावा देना |
पात्रता | सभी किसान, बटाईदार, और किरायेदार जो अधिसूचित फसलों की खेती करते हैं |
प्रीमियम दर | Kharif: 2%, Rabi: 1.5%, Commercial/Horticultural: 5% |
कवरेज | बुवाई से कटाई तक, और कटाई के बाद 14 दिनों तक (विशिष्ट परिस्थितियों में) |
क्लेम प्रक्रिया | नुकसान की सूचना 72 घंटों के भीतर देनी होगी; दस्तावेजों के साथ आवेदन करना होगा |
प्रमुख जोखिम कवर | सूखा, बाढ़, तूफान, कीट, रोग, भूस्खलन, ओलावृष्टि, आदि |
प्रमुख अपवर्जन | युद्ध, परमाणु जोखिम, चोरी, दुर्भावनापूर्ण नुकसान, रोकथाम योग्य जोखिम |
आवेदन प्रक्रिया | ऑनलाइन PMFBY पोर्टल या बैंक/बीमा एजेंट के माध्यम से |
PMFBY के लिए जरूरी दस्तावेज
दोस्त, अगर आप PMFBY के तहत बीमा करवाना चाहते हैं, तो आपको ये दस्तावेज तैयार रखने होंगे:
- जमीन के मालिकाना हक के दस्तावेज: जैसे Records of Right (RoR), Land Possession Certificate (LPC), या अन्य वैध दस्तावेज।
- बटाई/किरायेदारी दस्तावेज: अगर आप किरायेदार किसान हैं, तो किरायेदारी अनुबंध या राज्य सरकार द्वारा मान्य दस्तावेज।
- बुवाई प्रमाणपत्र: अगर आपके राज्य में ये अनिवार्य है।
- बैंक खाता विवरण: लोनी और गैर-लोनी किसानों के लिए।
- आधार कार्ड: पहचान के लिए।
- फसल की जानकारी: अधिसूचित फसल और खेती का क्षेत्रफल।
इन दस्तावेजों को लेकर आप PMFBY पोर्टल या नजदीकी बैंक/बीमा एजेंट से संपर्क कर सकते हैं।
हाल के अपडेट्स
2025 में PMFBY ने अपनी नौवीं वर्षगांठ मनाई। इस दौरान, सरकार ने दावा प्रक्रिया को और तेज करने के लिए टेक्नोलॉजी का उपयोग बढ़ाया है, जैसे सैटेलाइट इमेजरी और ड्रोन। हाल ही में, असम सरकार ने 1 हेक्टेयर तक की खेती के लिए प्रीमियम को पूरी तरह सब्सिडी दे दी है, यानी किसानों को सिर्फ 1 रुपये में बीमा मिल सकता है।
हालांकि, कुछ राज्यों जैसे गुजरात, पंजाब, और तेलंगाना ने इस योजना से बाहर निकलने का फैसला किया है क्योंकि उन्हें प्रीमियम की लागत ज्यादा लगी। फिर भी, ये योजना 50 करोड़ से ज्यादा किसानों को कवर कर चुकी है और 95,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के दावों का भुगतान कर चुकी है।
Conclusion
दोस्तों, Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana किसानों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच है। ये न सिर्फ प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से बचाती है, बल्कि किसानों को आधुनिक खेती के लिए प्रोत्साहित भी करती है। लेकिन, ये जरूरी है कि आप उन नुकसानों को समझें जो इस योजना में कवर नहीं होते, जैसे युद्ध, चोरी, या जानबूझकर किया गया नुकसान। सही दस्तावेज और समय पर आवेदन के साथ, आप इस योजना का पूरा फायदा उठा सकते हैं।
अगर आपको और सरकारी योजनाओं की जानकारी चाहिए, तो setukendra.com पर जाकर हमारा नया लेख “प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना 2025 अपडेट्स” जरूर पढ़ें।
FAQ
1. PMFBY में क्लेम कैसे करें?
नुकसान होने पर 72 घंटों के भीतर बीमा कंपनी, बैंक, या PMFBY पोर्टल पर सूचना दें। नुकसान की तस्वीरें और गांव-स्तरीय समिति का सत्यापन पत्र जमा करें।
2. क्या गैर-लोनी किसान भी PMFBY का लाभ ले सकते हैं?
हां, सभी किसान, चाहे लोनी हों या गैर-लोनी, इस योजना के लिए पात्र हैं।
3. PMFBY में प्रीमियम कितना है?
Kharif crops के लिए 2%, Rabi crops के लिए 1.5%, और Commercial/Horticultural crops के लिए 5%।
4. क्या जंगली जानवरों से नुकसान कवर होता है?
नहीं, जब तक कि राज्य सरकार ने इसे ऐड-ऑन कवर के रूप में शामिल न किया हो।