pradhanmantri viksit bharat rojgar yojana kya hai विकसित भारत रोज़गार योजना 2025: 3.5 करोड़ नौकरियों का सुनहरा अवसर
विकसित भारत रोज़गार योजना 2025 के बारे में जानें, जो 1 अगस्त 2025 से शुरू होकर 3.5 करोड़ नौकरियां सृजित करेगी। पहली बार नौकरी करने वालों को ₹15,000 और नियोक्ताओं को ₹3,000 प्रति माह की सहायता। पूरी जानकारी यहाँ पढ़ें!
विकसित भारत रोज़गार योजना 2025 (PM-VBRY) भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका उद्देश्य युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करना और नियोक्ताओं को प्रोत्साहित करना है। इस लेख में हम आपको इस योजना की विशेषताओं, पात्रता, लाभ और आवेदन प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताएंगे।
Introduction
दोस्तों, अगर आप नौकरी की तलाश में हैं या अपने करियर की शुरुआत करने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए खुशखबरी है! भारत सरकार ने विकसित भारत रोज़गार योजना 2025 (PM-VBRY) की शुरुआत की है, जो नौजवानों और नियोक्ताओं के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकती है। यह योजना 1 अगस्त 2025 से लागू हो चुकी है और अगले दो सालों में 3.5 करोड़ नौकरियां सृजित करने का लक्ष्य रखती है। आइए, इस योजना के बारे में विस्तार से जानते हैं और समझते हैं कि यह आपके लिए कैसे फायदेमंद हो सकती है।
क्या है विकसित भारत रोज़गार योजना 2025?
विकसित भारत रोज़गार योजना भारत सरकार की रोजगार संबद्ध प्रोत्साहन योजना (Employment Linked Incentive – ELI) का नया रूप है, जिसे 1 जुलाई 2025 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी थी। इसका मुख्य उद्देश्य पहली बार नौकरी करने वाले युवाओं को वित्तीय सहायता देना और नियोक्ताओं को नए रोजगार सृजन के लिए प्रोत्साहित करना है। इस योजना का बजट ₹99,446 करोड़ है, और यह 31 जुलाई 2027 तक चलेगी। यह योजना खास तौर पर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर केंद्रित है, लेकिन सभी क्षेत्रों में रोजगार को बढ़ावा देगी।
योजना की मुख्य विशेषताएं
यहाँ हम आपको विकसित भारत रोज़गार योजना 2025 की प्रमुख विशेषताओं को बता रहे हैं, जो इसे खास बनाती हैं:
पहली बार नौकरी करने वालों के लिए लाभ (पार्ट A):
पात्रता: जो युवा पहली बार EPFO (कर्मचारी भविष्य निधि संगठन) में पंजीकृत हों और जिनका मासिक वेतन ₹1 लाख से कम हो।
वित्तीय सहायता: ₹15,000 तक की राशि, जो दो किस्तों में दी जाएगी:
पहली किस्त: 6 महीने की नौकरी पूरी करने पर।
दूसरी किस्त: 12 महीने की सेवा और वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम पूरा करने पर।
राशि का एक हिस्सा बचत साधन में जमा होगा, ताकि युवाओं में बचत की आदत बने।
भुगतान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए आधार से जुड़े बैंक खाते में होगा।
नियोक्ताओं के लिए प्रोत्साहन (पार्ट B):
नई भर्तियों पर सहायता: नियोक्ताओं को प्रति नए कर्मचारी ₹3,000 प्रति माह तक की सहायता मिलेगी।
अवधि: सामान्य नियोक्ताओं के लिए 2 साल और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए 4 साल।
इस योजना की शर्तें:
50 से कम कर्मचारियों वाली कंपनियों को कम से कम 2 नए कर्मचारी और 50 या अधिक कर्मचारियों वाली कंपनियों को 5 नए कर्मचारी नियुक्त करने होंगे।
कर्मचारियों को कम से कम 6 महीने तक नौकरी में रहना होगा।
भुगतान PAN-लिंक्ड बैंक खातों में होगा।
लक्ष्य:
3.5 करोड़ नौकरियां सृजित करना, जिनमें 1.92 करोड़ पहली बार नौकरी करने वाले युवाओं के लिए होंगी।
आर्थिक विकास को रोजगार-आधारित गति देना और विकसित भारत मिशन को मजबूत करना।
दोस्तों, अब तक तो आप समझ गए होंगे कि यह योजना कितनी शानदार है! यह न केवल नौजवानों को नौकरी शुरू करने में मदद करेगी, बल्कि कंपनियों को भी नए लोगों को हायर करने के लिए प्रेरित करेगी। चलिए, अब इस योजना की पात्रता और आवेदन प्रक्रिया के बारे में जानते हैं।
पात्रता मानदंड
विकसित भारत रोज़गार योजना 2025 का लाभ उठाने के लिए निम्नलिखित शर्तें पूरी करनी होंगी:
कर्मचारियों के लिए:
पहली बार EPFO में पंजीकृत होना चाहिए।
मासिक वेतन ₹1 लाख से कम होना चाहिए।
कम से कम 6 महीने तक एक ही कंपनी में नौकरी करनी होगी।
नियोक्ताओं के लिए:
कंपनी का EPFO में पंजीकृत होना अनिवार्य है।
छोटी कंपनियों (50 से कम कर्मचारी) को कम से कम 2 और बड़ी कंपनियों (50 या अधिक कर्मचारी) को 5 नए कर्मचारी नियुक्त करने होंगे।
नए कर्मचारियों को कम से कम 6 महीने तक रोजगार देना होगा।
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आवेदन प्रक्रिया
दोस्तों, अच्छी बात यह है कि इस योजना के लिए कोई अलग से फॉर्म भरने की जरूरत नहीं है!
कर्मचारियों के लिए: जैसे ही आप पहली बार नौकरी शुरू करेंगे और आपका UAN नंबर जनरेट होगा, आप स्वतः इस योजना के लिए पात्र हो जाएंगे। बस सुनिश्चित करें कि आपकी सैलरी ₹1 लाख से कम हो और आप EPFO में पंजीकृत हों।
नियोक्ताओं के लिए: नई भर्तियां करें और उन्हें EPFO में पंजीकृत करें। इसके बाद सरकार स्वचालित रूप से प्रोत्साहन राशि आपके PAN-लिंक्ड खाते में ट्रांसफर करेगी।
जरूरी दस्तावेज:
- UAN नंबर
- आधार कार्ड
- आधार से जुड़ा बैंक खाता
- कंपनी का नियुक्ति पत्र
योजना के लाभ
- इस योजना के कई फायदे हैं, जो इसे खास बनाते हैं:
- युवाओं के लिए: पहली नौकरी पर ₹15,000 की सहायता, जो आपके करियर की शुरुआत को आसान बनाएगी।
- नियोक्ताओं के लिए: नए कर्मचारियों को हायर करने पर ₹3,000 प्रति माह की सहायता, जो व्यवसाय विस्तार में मदद करेगी।
- आर्थिक विकास: यह योजना विकसित भारत मिशन को गति देगी और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी।
- वित्तीय साक्षरता: दूसरी किस्त के लिए वित्तीय साक्षरता कोर्स अनिवार्य है, जो युवाओं को वित्तीय प्रबंधन सिखाएगा।
अतिरिक्त जानकारी
योजना की अवधि: यह योजना 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 तक लागू रहेगी।
नोडल मंत्रालय: श्रम और रोजगार मंत्रालय इस योजना को लागू करेगा।
बचत को बढ़ावा: प्रोत्साहन राशि का एक हिस्सा बचत साधन में जमा होगा, जिसे बाद में निकाला जा सकता है।
अधिक जानकारी के लिए आप श्रम और रोजगार मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट www.labour.gov.in पर जा सकते हैं।
Conclusion
दोस्तों, विकसित भारत रोज़गार योजना 2025 न केवल नौजवानों के लिए एक सुनहरा अवसर है, बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। अगर आप पहली बार नौकरी शुरू करने जा रहे हैं,
तो इस योजना का लाभ जरूर उठाएं। और अगर आप एक नियोक्ता हैं, तो यह आपके व्यवसाय को बढ़ाने का शानदार मौका है। तो देर किस बात की? अपने UAN नंबर को एक्टिव करें और इस योजना का हिस्सा बनें!
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