शिव भोजन थाली योजना: बंद होने की कगार पर खड़ी इस महत्वपूर्ण सरकारी योजना का पूरा विश्लेषण

शिव भोजन थाली योजना: बंद होने की कगार पर खड़ी इस महत्वपूर्ण सरकारी योजना का पूरा विश्लेषण Shiv Bhojan Thali Scheme on the verge of closure महाराष्ट्र सरकार की  एक ऐसी योजना जो गरीबों के पेट भरने का माध्यम बनी, वह है Shiv Bhojan Thali Scheme। यह योजना, जो 2020 में शुरू हुई, आज वित्तीय संकट के कारण बंद होने की कगार पर खड़ी है। महाराष्ट्र जैसे राज्य में, जहां लाखों लोग दैनिक मजदूरी पर निर्भर हैं, यह योजना न केवल भोजन उपलब्ध कराती है

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बल्कि सामाजिक समानता का प्रतीक भी बनी। लेकिन हाल के बजट घाटे और अन्य योजनाओं पर बढ़ते खर्च के कारण, यह योजना खतरे में पड़ गई है। इस लेख में, हम इस योजना के हर पहलू को सूचीबद्ध तरीके से समझेंगे – इतिहास से लेकर वर्तमान चुनौतियों तक। यदि आप महाराष्ट्र के निवासी हैं, चाहे पुरुष हों या महिला, यह जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित होगी। हम सरकारी स्रोतों से प्राप्त तथ्यों पर आधारित 100% मूल जानकारी साझा करेंगे, ताकि आप सही निर्णय ले सकें।

Introduction to Shiv Bhojan Thali Scheme

Shiv Bhojan Thali Scheme महाराष्ट्र सरकार की एक प्रमुख कल्याणकारी पहल है, जो गरीब और जरूरतमंद लोगों को सस्ते दाम पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराती है। यह योजना छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम पर शुरू की गई, जो गरीबों की भलाई के लिए हमेशा चिंतित रहते थे। 26 जनवरी 2020 को गणतंत्र दिवस के अवसर पर तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे द्वारा लॉन्च की गई, यह योजना कोविड-19 महामारी के दौरान एक जीवनरेखा साबित हुई।

  • मुख्य उद्देश्य: गरीबी और भुखमरी से लड़ना, विशेषकर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले मजदूरों, बेघरों और प्रवासी मजदूरों के लिए।
  • कीमत: प्रति थाली केवल 10 रुपये (महामारी के दौरान 5 रुपये तक कम हुई)।
  • दैनिक लक्ष्य: 2 लाख थालियां, जो पूरे राज्य में वितरित होती हैं।
  • कवरेज: 1904 केंद्र सक्रिय, जिनमें से अधिकांश एनजीओ, स्वयं सहायता समूहों और छोटे होटल संचालकों द्वारा चलाए जाते हैं।

यह योजना न केवल भोजन देती है, बल्कि रोजगार भी सृजित करती है – प्रत्येक केंद्र पर कम से कम 3 कर्मचारी कार्यरत होते हैं, ज्यादातर महिलाएं। अब, जब यह योजना बंद होने की कगार पर है, तो लाखों लाभार्थी प्रभावित होंगे। आइए, गहराई से समझें।

History and Evolution of the Scheme

Shiv Bhojan Thali Scheme की शुरुआत एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में हुई, जो धीरे-धीरे पूरे राज्य में फैल गई। यहां इसकी विकास यात्रा की सूचीबद्ध जानकारी:

  1. लॉन्च (जनवरी 2020): 50 केंद्रों से शुरुआत, प्रत्येक जिला मुख्यालय पर एक केंद्र। उद्धव ठाकरे सरकार ने इसे अपनी प्रमुख चुनावी प्रतिज्ञा के रूप में पेश किया।
  2. महामारी प्रभाव (मार्च 2020): कोविड-19 लॉकडाउन में थाली की कीमत 5 रुपये की गई। अप्रैल 2021 से मुफ्त वितरण और पार्सल सेवा शुरू। दैनिक 1.5 लाख थालियां वितरित।
  3. विस्तार (2021-2023): केंद्रों की संख्या 905 से बढ़कर 1904 हो गई। कुल 18.83 करोड़ थालियां वितरित। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दैनिक थालियों को 10 लाख तक बढ़ाने का प्रस्ताव मांगा।
  4. राजनीतिक बदलाव (2022): महायुति सरकार आने के बाद योजना की समीक्षा, लेकिन चागन भुजबल जैसे मंत्रियों के विरोध के कारण जारी रही।
  5. 2024-2025 अपडेट: बजट 2025-26 में कोई आवंटन नहीं, लेकिन मार्च 2025 में उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने घोषणा की कि योजना बंद नहीं होगी। फिर भी, फंड क्रंच के कारण 200 केंद्र बंद हो चुके।

यह योजना बालासाहेब ठाकरे अन्नरथ की तरह मोबाइल कैंटीन के माध्यम से भी चलाई जाती है, जो गरीबों तक पहुंच सुनिश्चित करती है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2024 तक 12 करोड़ से अधिक थालियां परोसी गईं।

Key Features of the Scheme

Shiv Bhojan Thali Scheme की विशेषताएं इसे अन्य भोजन योजनाओं से अलग बनाती हैं। यहां मुख्य फीचर्स की सूची:

  • मेन्यू: 2 चपाती, 1 कटोरी सब्जी, 1 कटोरी दाल, 1 कटोरी चावल। स्थानीय ठेकेदार सब्जी चुनते हैं, लेकिन पौष्टिकता सुनिश्चित।
  • समय: दोपहर 12 से 2 बजे तक उपलब्ध। प्रत्येक केंद्र पर न्यूनतम 500 थालियां।
  • टेक्नोलॉजी इंटीग्रेशन: ‘Shiv Bhojan App’ के माध्यम से वितरण। लाभार्थी का नाम, फोटो (फोन नंबर वैकल्पिक) अनिवार्य। जीयो-फेंसिंग और सीसीटीवी से निगरानी।
  • सब्सिडी: शहरी क्षेत्र में प्रति थाली 40 रुपये, ग्रामीण में 25 रुपये सरकार वहन करती है। वास्तविक लागत: शहरी 50 रुपये, ग्रामीण 35 रुपये।
  • वितरण मोड: केंद्रों पर सीधे, पार्सल सेवा (महामारी काल में)।
  • लक्ष्य समूह: कोई सख्त पात्रता नहीं; गरीब, मजदूर, बेघर – सभी के लिए खुला। राशन कार्ड धारकों को प्राथमिकता, लेकिन बिना कार्ड वालों को भी उपलब्ध।

ये फीचर्स योजना को सरल और पहुंच योग्य बनाते हैं, लेकिन फंडिंग की कमी ने इन्हें प्रभावित किया है।

Benefits and Eligibility Criteria

Shiv Bhojan Thali Scheme के लाभ न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देते हैं, बल्कि आर्थिक बोझ भी कम करते हैं। यहां लाभ और पात्रता की सूची:

लाभ (Benefits):

  1. पौष्टिक भोजन: संतुलित थाली से कुपोषण कम होता है, विशेषकर महिलाओं और बच्चों के लिए।
  2. आर्थिक राहत: 10 रुपये में पूर्ण भोजन, जो दैनिक मजदूरी वालों के लिए वरदान।
  3. रोजगार सृजन: 1 लाख से अधिक लोगों को नौकरी, ज्यादातर महिलाओं को 8000 रुपये मासिक वेतन।
  4. सामाजिक प्रभाव: कोविड में 3 करोड़ से अधिक लोगों को भोजन, भुखमरी रोकने में सहायक।
  5. स्वास्थ्य सुधार: नियमित भोजन से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

पात्रता (Eligibility Criteria):

  • आय सीमा: कोई सख्त आय प्रमाण नहीं; गरीबी रेखा से नीचे या जरूरतमंद।
  • निवास: महाराष्ट्र के निवासी।
  • प्राथमिकता: राशन कार्ड धारक, प्रवासी मजदूर, बेघर।
  • सीमा: प्रति केंद्र दैनिक कोटा (500-100 थालियां), पहले आओ-पहले पाओ।

यह योजना सभी के लिए खुली है, जो इसे समावेशी बनाती है।

Current Status and Challenges

2025 में Shiv Bhojan Thali Scheme वित्तीय संकट से जूझ रही है। यहां वर्तमान स्थिति और चुनौतियों की सूची:

  1. सक्रिय केंद्र: 1881 केंद्र, लेकिन 200 बंद हो चुके। दैनिक 1.75 लाख थालियां वितरित।
  2. फंडिंग समस्या: 6-8 महीनों से 1881 संचालकों को भुगतान लंबित। वार्षिक खर्च 267 करोड़, लेकिन केवल 70 करोड़ प्राप्त।
  3. राजनीतिक दबाव: बजट 2025-26 में कोई आवंटन नहीं। लडकी बहिन योजना (3500 करोड़ मासिक) ने अन्य योजनाओं का बजट प्रभावित किया।
  4. संचालन मुद्दे: कर्मचारियों और आपूर्तिकर्ताओं का भुगतान रुकने से केंद्र बंद। चागन भुजबल ने सीएम देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखा।
  5. समीक्षा: मार्च 2025 में अजित पवार ने कहा, “योजना बंद नहीं होगी,” लेकिन फंड क्रंच जारी।

ये चुनौतियां योजना को बंद होने की कगार पर ला खड़ी कर रही हैं।

Impact on Beneficiaries and Society

Shiv Bhojan Thali Scheme ने लाखों जीवन बदले हैं। यहां प्रभाव की सूची:

  • व्यक्तिगत स्तर: मजदूर कय्यूम शेख जैसे संचालक कहते हैं, “यह योजना 1 लाख थाली केंद्र चलाने वालों के लिए जीवनरेखा है।” लाभार्थी महिलाएं लडकी बहिन लाभ छोड़ने को तैयार।
  • सामाजिक स्तर: 12 करोड़ थालियां, कोविड में 1.7 लाख दैनिक। कुपोषण 20% कम।
  • आर्थिक प्रभाव: 1 लाख रोजगार, लेकिन बंद होने से बेरोजगारी बढ़ेगी।
  • महिला सशक्तिकरण: केंद्रों पर 70% महिलाएं कार्यरत, आत्मनिर्भरता बढ़ी।
  • विपरीत प्रभाव: बंद होने से गरीबों का एक भोजन छिन जाएगा, भुखमरी बढ़ेगी।

यह योजना समाज के कमजोर वर्ग की रक्षा करती है।

Shiv Bhojan Thali Scheme on the verge of closure

Application Process and Required Documents

Shiv Bhojan Thali Scheme में आवेदन सरल है, क्योंकि यह वॉक-इन आधारित है। यहां प्रक्रिया और दस्तावेजों की सूची:

आवेदन प्रक्रिया (Application Process):

  1. केंद्र खोजें: निकटतम शिव भोजन केंद्र पर जाएं (11 बजे से 3 बजे तक)।
  2. ऐप रजिस्ट्रेशन: केंद्र संचालक ‘Shiv Bhojan App’ पर नाम, फोटो दर्ज करेंगे।
  3. भुगतान: 10 रुपये नकद या डिजिटल।
  4. वितरण: तुरंत थाली प्राप्त करें। कोटा समाप्त होने पर अगले दिन ट्राई करें।
  5. ऑनलाइन ट्रैकिंग: ऐप से दैनिक मेन्यू और उपलब्धता देखें।

आवश्यक दस्तावेज (Required Documents):

  • आधार कार्ड या कोई पहचान पत्र (वैकल्पिक, लेकिन सत्यापन के लिए उपयोगी)।
  • राशन कार्ड (प्राथमिकता के लिए, लेकिन अनिवार्य नहीं)।
  • फोटो: ऐप पर स्नैप ली जाएगी।
  • मोबाइल नंबर: वैकल्पिक, लेकिन अपडेट के लिए सहायक।

कोई औपचारिक फॉर्म नहीं; यह योजना सभी को तत्काल पहुंच सुनिश्चित करती है। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट देखें।

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Important Links in Table Format

नीचे महत्वपूर्ण लिंक्स की तालिका दी गई है, जो योजना से संबंधित आधिकारिक स्रोत प्रदान करती है:

क्रमांक विवरण लिंक
1 आधिकारिक विभाग वेबसाइट mahafood.gov.in
2 शिव भोजन ऐप डाउनलोड Google Play Store
3 योजना दिशानिर्देश (जीआर) Sarkari Yojana
4 अपडेट न्यूज Indian Express
5 लाभार्थी पोर्टल District Pune Supply Office

ये लिंक्स आपको नवीनतम अपडेट और आवेदन में मदद करेंगे।

Highlighting Important Information in Table Format

Shiv Bhojan Thali Scheme की महत्वपूर्ण जानकारियों को नीचे तालिका में हाइलाइट किया गया है:

श्रेणी महत्वपूर्ण जानकारी विवरण
लॉन्च तिथि 26 जनवरी 2020 गणतंत्र दिवस पर उद्धव ठाकरे द्वारा।
दैनिक थालियां 2 लाख लक्ष्य वास्तविक: 1.75 लाख।
कुल थालियां 18.83 करोड़ (2024 तक) कोविड में 3 करोड़ लाभार्थी।
लागत 10 रुपये प्रति थाली सब्सिडी: 25-40 रुपये।
केंद्र संख्या 1904 सक्रिय 1881 संचालक, 200 बंद।
ऐप फीचर्स नाम, फोटो अनिवार्य जीयो-फेंसिंग, सीसीटीवी।
वार्षिक खर्च 267 करोड़ फंड क्रंच: केवल 70 करोड़ प्राप्त।
पात्रता सभी जरूरतमंद कोई आय प्रमाण नहीं।

ये तथ्य योजना की मजबूती और कमजोरियों को दर्शाते हैं।

Conclusion

Shiv Bhojan Thali Scheme महाराष्ट्र की एक ऐसी योजना है जो गरीबों के चेहरे पर मुस्कान लाई, लेकिन वित्तीय संकट ने इसे बंद होने की कगार पर पहुंचा दिया। 5 वर्षों में करोड़ों थालियां परोसकर इसने भुखमरी से लड़ाई लड़ी, रोजगार दिए और समाज को मजबूत बनाया। हालांकि, लडकी बहिन जैसी योजनाओं के कारण फंडिंग प्रभावित हुई, फिर भी सरकार ने आश्वासन दिया है कि यह जारी रहेगी। यदि आप लाभार्थी हैं, तो स्थानीय केंद्रों से जुड़ें और अपडेट लें। यह योजना न केवल भोजन है, बल्कि आशा का प्रतीक। सरकार से अपील है कि इसे बचाया जाए, ताकि महाराष्ट्र का हर नागरिक भूखा न सोए। अधिक अपडेट के लिए आधिकारिक स्रोतों का अनुसरण करें।

7 FAQ Questions

1. शिव भोजन थाली योजना क्या है?

यह महाराष्ट्र सरकार की योजना है जो गरीबों को 10 रुपये में पूर्ण थाली उपलब्ध कराती है, जिसमें 2 चपाती, सब्जी, दाल और चावल शामिल है।

2. योजना के लिए कौन पात्र है?

सभी महाराष्ट्र निवासी, विशेषकर गरीब, मजदूर और बेघर। राशन कार्ड प्राथमिकता देता है, लेकिन अनिवार्य नहीं।

3. आवेदन कैसे करें?

निकटतम केंद्र पर 11 बजे से 3 बजे तक जाएं। ऐप पर नाम और फोटो दर्ज कराएं, 10 रुपये चुकाएं।

4. आवश्यक दस्तावेज क्या हैं?

आधार या राशन कार्ड (वैकल्पिक), फोटो ऐप पर ली जाती है।

5. योजना क्यों बंद होने की कगार पर है?

फंड क्रंच के कारण – 6 महीनों से भुगतान लंबित, बजट घाटा 2 लाख करोड़ से अधिक।

6. कुल कितनी थालियां वितरित हुईं?

2024 तक 18.83 करोड़ थालियां, कोविड में 3 करोड़ लाभार्थी।

7. भविष्य क्या है?

सरकार ने कहा योजना जारी रहेगी, लेकिन फंड रिलीज जरूरी। अपडेट के लिए mahafood.gov.in देखें।

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